सिसोदिया ने कहा कि जिस दिन सिद्धार्थनाथ सिंह ने बहस की चुनौती दी थी उसी दिन उन्होंने कहा था कि मैं आपका निमंत्रण स्वीकार करता हूं लेकिन उसके बाद आज तक सिद्धार्थनाथ सिंह ने समय और स्थान नहीं बताया। सिसोदिया ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पिछले चार साल के दौरान यूपी सरकार ने शिक्षा, बिजली और रोजग़ार के क्षेत्र में जो काम किए हैं उन पर खुली बहस के लिए मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह जरूर आएंगे।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्हें अच्छा लग रहा है कि पहली बार यूपी की राजनीति में शिक्षा, स्वास्थ्य, सस्ती बिजली, पानी जैसे मुद्दे उठ रहे हैं। इन मुद्दों पर बहस की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल से यूपी में भाजपा की सरकार है लेकिन यूपी में लोग पूछ रहे हैं कि हमें क्या मिला। पांच साल में दिल्ली में सरकारी स्कूल अच्छे हो गए। यहां हालत खराब है।
दिल्ली में सरकारी स्कूलों के बच्चों के नतीजे 98 प्रतिशत आने लगे हैं। यूपी में सरकारी स्कूलों के बच्चों के नतीजे 70 से 75 प्रतिशत पर अटके हुए हैं। दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं बढ़ने दी गई। यूपी में कई गुना बढ़ गई। दिल्ली में 70 से 80 प्रतिशत लोगों को बिजली फ्री मिल रही है। यूपी में बिजली की दरें लगातार बढ़ रही हैं। दिल्ली में बिजली-पानी चौबीसों घंटे आता है। यूपी में कितनी आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में चार सालों में हालत बद से बदतर हो गई है।
सिद्धार्थनाथ के लिए भी रखी गई थी कुर्सी
दिल्ली व यूपी के विकास माडल पर खुली बहस के लिए आप की ओर से गांधी भवन में बकायदे मंच सजाया गया था। जिसपर बहस के संबंध में बैनर भी लगाया गया था। जिसमें मनीष सिसोदिया के साथ ही सिद्धार्थनाथ सिंह की भी फोटो लगाई गई थी। इसी तरह मंच पर मनीष सिसोदिया व आप प्रभारी संजय सिंह के अलावा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह केलिए भी अलग से कुर्सी लगाई गई थी और उस पर उनके नाम की पर्ची भी चिपकी थी।
इसके पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जब लखनऊ पहुंचे और सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए जाने लगे तो पुलिस ने रायबरेली रोड पर उतरेटिया में उनके काफिले को रोक लिया।
जिस पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह शर्मनाक है आज जब हम सरकारी स्कूल देखने जा रहे हैं तो हमको रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार दमन पर उतर आई है। अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली के किसी सरकारी स्कूल व अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए आना चाहें तो वह स्वतंत्र हैं।