कश्मीर में पत्थरबाजी की समस्या से निपटने के लिए मार्क्समैन तैयार किया गया है। यह पत्थर का जवाब लेजर से देता है। लेजर पड़ते ही पत्थरबाजों की आंखें चुंधिया जाती हैं और अंधेरा छा जाता है। मजबूरन उन्हें मौके से भागना पड़ जाता है।
डिफेंस एक्सपो के स्टेटिक डिस्प्ले में मार्क्समैन का प्रदर्शन किया गया है। जहां दर्शकों ने शनिवार को फोटो भी खिंचवाई। यह आकर्षण का केंद्र भी बनी। डीआरडीओ व महिंद्रा के संयुक्त प्रयासों से इसे तैयार किया गया है।
महिंद्रा ने कार तैयार की, जबकि डीआरडीओ ने सभी सैन्य उपकरण इसमें फिट किए। डीआरडीओ के वैज्ञानिक मनमोहन ने बताया कि इस व्हीकल को मार्क्समैन नाम दिया गया है। यह पूरी तरह से बुलेटप्रूफ है। इसका इस्तेमाल उस जगह किया जाता है, जहां पर भीड़ अनियंत्रित हो चुकी हो।
उन्होंने आगे बताया कि अभी तक उपद्रव करने वाली भीड़ पर लाठीचार्ज होता है। आंसू गैस छोड़ी जाती है या फिर वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब उन्हें बगैर चोट पहुंचाए पीछे हटने पर इस मार्क्समैन की मदद से मजबूर कर दिया जाता है।