रक्षामंत्री राजनाथ सिंह नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे बवाल पर सच बताने के लिए लखनऊ में हैं। रविवार को उन्होंने रिटायर्ड जस्टिस खेमकरन के एलडीए स्थित आवास पर प्रेस कांफ्रेंस की।
उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून किसी भी मजहब के खिलाफ नहीं है। विपक्षी पार्टियां राजनीतिक स्वार्थ के लिए कानून को लेकर भ्रम फैला रही हैं। यह भारत की परंपरा रही है कि शरणार्थियों को शरण दी जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए पीड़ितों को नागरिकता देने के लिए कानून लाए हैं। इससे किसी को भी भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह कानून अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है लोगों को किसी भी तरह के भ्रम में नहीं फंसना चाहिए। मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास की सोच के साथ काम कर रही है।
दरअसल, नागरिकता संशोधन कानून का सच बताने और विरोध को विपक्ष की साजिश बताने के लिए भाजपा के सभी नेता प्रदेश भर में जनसभाएं व प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। इसके तहत रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ में और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में मोर्चा संभाल रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह बरेली, उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य मुरादाबाद और डॉ. दिनेश शर्मा आगरा में हैं। इसके अलावा भाजपा के प्रमुख नेता, केंद्र व प्रदेश सरकार के मंत्री भी अलग-अलग स्थानों पर सीएए का सच समझाने और विरोधियों की साजिश को खोलकर लोगों से विपक्ष के खिलाफ मोर्चा लेने की अपील कर रहे हैं।