कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरा। मौका था सामान्य प्रशासन एवं गृह विभाग के बजट पर चर्चा का। सभी दलों ने कानून-व्यवस्था पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए इसमें सुधार की जरूरत बताई।
नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार की हनक व इकबाल खत्म हो गया है। अधिकारी मुख्यमंत्री व मंत्रियों के आदेशों को रद्दी की टोकरी में डाल दे रहे हैं।
सामान्य प्रशासन एवं गृह विभाग के बजट पर कटौती प्रस्ताव रखते हुए नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की चुटकी लेते हुए कहा कि इसे नेता सदन की नादानी समझें या भोलापन या फिर संसदीय कार्य मंत्री की लंगड़ी, मुख्यमंत्री ने बजट रखते हुए सामान्य प्रशासन व गृह विभाग पर एक भी शब्द नहीं बोला।
उन्होंने कहा प्रशासन पंगु है। प्रदेश में 12 महीने व 365 दिन तबादले जारी रहते हैं। जब तक अधिकारी जिले को समझता है तब तक तबादले का आदेश आ जाता है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन चुस्त-दुरुस्त नहीं है तो सारी योजनाएं धराशाई हो जाती हैं। प्रदेश में अच्छे अधिकारी हैं फिर भी दूसरे प्रदेशों से आयातित अधिकारी लूटने आए हैं और सरकार को बदनाम कर रहे हैं। ये अधिकारी आपको चौराहे पर बेच देंगे। अपने अफसरों पर भरोसा करें।