बलरामपुर की इमरजेंसी में तड़प-तड़पकर महिला की मौत
तीमारदारों का आरोप, डॉक्टरों ने नहीं किया उपचार, शिकायत करने पर नर्सिंग स्टाफ ने लगाई थी फटकार
बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार शाम एक महिला ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। नाराज तीमारदारों का आरोप है कि डॉक्टरों ने मरीज का उपचार तक नहीं किया। मरीज की हालत बिगड़ने पर स्टाफ से कहा जाता तो वह फटकार लगाकर वापस भेज देते थे। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ने से मौत हो गई। नाराज तीमारदारों ने मामले की शिकायत सीएम से करने की बात कही है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों को उपचार दिया जाता है।
लखीमपुर खीरी निवासी अहमद अली की पत्नी शाकिरा बेगम (45) को सांस लेने में तकलीफ व पीलिया की शिकायत पर जिला अस्पताल से रेफर किया गया था। शनिवार रात करीब दो बजे तीमारदार मरीज को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी लाए। यहां पर मरीज को भर्ती करके इंडोर इमरजेंसी में शिफ्ट करा दिया गया। आरोप है कि 28 घंटे तक डॉक्टर सिर्फ ग्लूकोज की बोतल चढ़ाते रहे। र्कोई दवा नहीं दी गई। इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ती जा रही थी। पति अहमद अली का कहना है कि दोपहर में वह शिकायत लेकर डॉक्टर-नर्स के रूम में पहुंचे तो वहां से डपटकर भगा दिया गया। र्कई दफा गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पति का कहना है कि इलाज के अभाव में शाम को महिला मरीज की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। नाराज तीमारदारों ने हंगामा करने की कोशिश की तो स्टाफ ने जेल भेजवाने की धमकी दी। सहमे तीमारदार शव लेकर वापस घर चले गए। पति अहमद का कहना है कि वह मामले की शिकायत सीएम से करेंगे। जबकि निदेशक डॉ. राजीव लोचन का कहना है कि तीमारदारों के आरोप गलत हैं। ऐसा संभव ही नहीं है कोई डॉक्टर मरीज को न देखे। तीमारदार शिकायत करें तो जांच कराई जाएगी।