सरकारी आश्वासन भी किसानों को संकट में हिम्मत नहीं बंधा पा रहे हैं और वह दम तोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। सोमवार को सूबे में सदमें से 51 और किसानों की मौत हो गई जबकि चार ने आत्महत्या कर ली। जबकि एक ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। सभी किसान कर्ज को लेकर परेशान थे।
सोमवार को अवध के विभिन्न जिलों में आठ किसानों की मौत की खबर है, तो सेंट्रल यूपी में फसल बर्बादी पर 11 और किसानों की मौत हो गई।
इनमें फतेहपुर, बांदा, महोबा में तीन किसानों ने फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि कानपुर देहात, बांदा, महोबा, फर्रुखाबाद, हरदोई, फतेहपुर में आठ किसानों की सदमे से जान चली गई।
मुरादाबाद मंडल में सात और किसानों की सदमे से मौत हो गई। अमरोहा में तीन और संभल में दो किसानों की मौत हो गई, जबकि मुरादाबाद में भी दो किसानों ने दम तोड़ दिया।