कोराना से होने वाली मौत का ऑडिट एसजीपीजीआई की टीम करती है। शासन ने जिलों के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी है। राजधानी में चार मौत की ऑडिट हो चुकी है, जबकि अन्य का प्रक्रिया में है।
मृतकों में ज्यादातर पहले से गंभीर थे
स्वास्थ्य विभाग के संक्रामक रोग नियंत्रण अभियान के प्रभारी एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी का कहना है कि अभी तक जिनकी मौत हुई, वे सभी पहले से बीमारियों से पीड़ित थे। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि मौत की वजह सिर्फ कोरोना था। इतना जरूर है कि वायरस की चपेट में आने से इनकी पहले से चल रहीं समस्याएं बढ़ गई। मरने वालों की प्रथम दृष्टया जो रिपोर्ट सामने आई है उनमें ज्यादातर उम्रदराज हैं। कुछ युवाओं की मौत हुई है तो वे टीबी सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। ऑडिट टीम की रिपोर्ट से स्थिति साफ होगी।