गिरफ्तार किए गए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, हुए बेहोश।
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पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बुधवार सुबह से ही संघर्ष की नौबत बनने लगी। पुलिस ने तीर लगे बैरिकेडिंग लगा दी थी। रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती कर दी गई। तमाम नेताओं को घर में ही कैद कर लिया गया। इसके बाद भी बड़ी संख्या में पार्टी के नेता प्रदेश मुख्यालय में पहुंच गए।
कांग्रेस ने संभल की घटना और बिजली निजीकरण सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव का एलान किया था। इसे लेकर पुलिस ने सभी वरिष्ठ नेताओं को नोटिस जारी किया था। कांग्रेस नेताओं को बुधवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ही रोक लिया गया और वरिष्ठ नेताओं को नजर बंद कर दिया गया। दोपहर करीब 11 बजे कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना और वीरेंद्र चौधरी विधानसभा पहुंचे। चौधरी चरण की प्रतिमा के सामने पहुंच कर श्रद्धांजलि दी। वहां गेट संख्या छह से प्रदेश कार्यालय जाने के लिए निकले।
पुलिस ने हिरासत में लिया। दूसरी तरफ पार्टी के कार्यकर्ता विधानसभा के लिए कूच कर गए। पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच नोंक झोंक हुई। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा। प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ प्रभारी अविनाश पांडेय, राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम जी, सत्य नारायण पटेल, अजय कुमार लल्लू, बृजलाल खाबरी, दिनेश सिंह, केशव चंद यादव, विश्वविजय सिंह, अनामिका यादव, मनीश हिंदवी, राघवेंद्र सिंह, आलोक प्रसाद, मुकेश सिंह चौहान, ओमवीर यादव, वेद प्रकाश त्रिपाठी, अमित श्रीवास्तव त्यागी, पुनीत पाठक आदि शामिल थे।