परिजनों ने किया हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला।
परिजनों का कहना था कि अमन कभी भी जुआ नहीं खेलता था। जो लोग जुआ खेलते थे उनको पुलिस नहीं पकड़ पाई। अमन घर के बाहर अपने दोस्त के साथ खड़ा था तो पुलिस उसको उठा ले गई थी। पीटकर मार दिया। देर रात तक प्रदर्शन चलता रहा। इस बीच पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़ा भी। लेकिन, परिजन किसी भी हालत में शव लेने को राजी नहीं थे। लिहाजा तहरीर के आधार पर सिपाही शैलेंद्र व अन्य तीन अज्ञात पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। तब परिजन शवा का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए।
पुलिस ने मामले में अमन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी दी है। दावा किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई भी जाहिरा चोट नहीं आई है। कार्डियोजेनिक शॉक से मौत होने की पुष्टि हुई है। हालांकि परिजन आरोपो पर अड़े हैं। उनका सीधा कहना है कि पुलिस की पिटाई की वजह से अमन बेहोश और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें एक पुलिसकर्मी अमन को पकड़कर ले जा रहा है। तीन अन्य साथ में है। ये फुटेज शुक्रवार रात सवा दस बजे का है। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि जब अमन की हालत बिगड़ी और मौत हुई तब वह पुलिस हिरासत में ही था।
चन्द्रशेखर आजाद और मायावती।
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एव॔ पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राजधानी में दलित युवक की मौत के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने शनिवार को जारी अपने बयान मे कहा कि लखनऊ के मोहल्ला गंजरहापुरवा स्थित डा. भीमराव अम्बेडकर पार्क में घूमने गए एक दलित युवक के साथ कल शाम पुलिस द्वारा बर्बरता से की गई से पिटाई से हुई मौत की घटना दुखद है। इसे लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। सरकार दोषी पुलिस वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे तथा पीड़ित परिवार की पूरी मदद भी करे।
परिजनों से मिलने पहुंचे चन्द्रशेखर
इस घटना के बाद नगीना के सांसद चन्द्रशेखर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उनके साथ पूर्व आईपीएस अनुराग ठाकुर और उनकी पत्नी भी रहीं।