फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी में कोरोना से मरने वालों का डेथ ऑडिट कराएगी सरकार, जहां हॉटस्पॉट नहीं वहां भी लिए जाएंगे सैंपल

Wed, 15 Apr 2020 09:27 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों का डेथ ऑडिट होगा। इसके लिए एक टीम बनाई जाएगी। मृतकों के इलाज से जुड़ी केस फाइल टीम को दी जाएगी। यह टीम मृतकों की केस फाइल देखकर इलाज की गाइडलाइन में सुधार पर ध्यान देगी, जिससे अन्य मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके।

विज्ञापन


प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को बताया कि प्रदेश में अभी तक 11 मौतें हुई हैं। इन सभी का ऑडिट सब कमेटी करेगी। कमेटी देखेगी की इन मरीजों का और क्या हो सकता था। अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं अधिकतर मृतक किसी न किसी अन्य बीमारी से पहले से ही ग्रस्त थे। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डेथ ऑडिट सब कमेटी का आदेश जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 44 जिले कोरोना से प्रभावित हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने भी टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाते हुए मंगलवार को 2433 सैंपलों की जांच कराई है। बुधवार को भी 2400 से अधिक नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। वर्तमान में संदिग्ध व सर्विलांस के आधार पर 10661 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। ये ऐसे लोग हैं कि जो किसी ना किसी तरह कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आ गए थे।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि हर जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना का एक भी केस ना हो तो भी 20 सैंपल हर रोज टेस्ट के लिए भेजें। जहां कोरोना के अधिक केस व हॉटस्पॉट अधिक हैं, वहां से हर रोज 150 से 200 सैंपल टेस्ट के लिए भेजने का निर्देश दिया गया हैं। कोशिश की जा रही है कि जो भी संदिग्ध व संक्रमित के संपर्क में आया है उसको भी कम्युनिटी से बाहर निकालकर मेडिकल क्वारंटीन में लेकर जांच और फिर इलाज कराया जाए।

विज्ञापन

बुजुर्गों को कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा

प्रमुख सचिव ने बताया कि अभी तक कोविड-19 के जो केस सामने आए हैं उनका उम्र के हिसाब से प्रोफाइल तैयार किया गया है। 0 से 20 साल के उम्र के 17 फीसदी, 21 से 40 साल के 46.5 फीसदी, 41 से 60 साल के 26 फीसदी और 60 साल से ऊपर के 10.5 फीसदी मरीज हैं। इससे पता चलता है कि 60 साल या उससे ऊपर और मधुमेह, हाई बीपी के रोगियों को संक्रमण से अधिक से अधिक बचाने की जरूरत है। इसके अलावा जो लोग सिगरेट पीते हैं, उन्हें भी संक्रमण की अधिक संभावना होती है क्योंकि वह बार-बार मुंह व नाक के पास अपना हाथ ले जाते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें