लखनऊ। विभूतिखंड थानाक्षेत्र में रविवार रात पुलिस मुठभेड़ में गिरधारी उर्फ डॉक्टर उर्फ कन्हैया की मौत हो गई थी। कागजी कार्रवाई के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम सोमवार देर शाम कराया गया। उसके परिवारी से कोई भी शव लेने नहीं आया। शव पोस्टमार्टम हाउस में ही है। पुलिस ने परिवारीजनों से संपर्क किया तो पिता ने तबियत खराब होने की बात कही। इसके बाद पुलिस की एक टीम वाराणसी के लिए रवाना की गई। पुलिस के अनुसार, शव लेने के लिए नोटिस रिसीव करा दिया गया है, बुधवार को गिरधारी के पिता लखनऊ आएंगे।
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, रविवार रात दरोगा की सर्विस पिस्तौल छीनकर भागते समय मुठभेड़ में अजीत सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरधारी मारा गया था। सोमवार देर शाम दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। गिरधारी का डीएनए भी सुरक्षित रखा गया है। देर रात तक पुलिस, परिवारीजनों का इंतजार करती रही लेकिन उसके परिवार से कोई नहीं आया। इसके बाद पिता से संपर्क किया गया। गिरधारी के पिता डग्गर विश्वकर्मा ने कहा कि वह आधे रास्ते पहुंचे थे, तभी उनकी तबियत खराब हो गई। इस वजह से वापस घर चले गए। इसके बाद विभूतिखंड थाने की पुलिस टीम को वाराणसी के चोलापुर थानाक्षेत्र के लखनपुर भेजा गया। वहां परिवारीजनों को कागजी कार्रवाई करने व शव के अंतिम संस्कार के लिए नोटिस रिसीव कराया गया।
अजीत की पत्नी पहुंची थाने
गैंगवार में मारे गए मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह का परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है। अजीत की पत्नी रानू सिंह अपने बच्चों के साथ विभूतिखंड थाने मंगलवार दोपहर पहुंची। वहां प्रभारी निरीक्षक व अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। पुलिस व प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर उन्होंने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पूरा भरोसा है कि उनकेपति की हत्या में शामिल सभी आरोपियों को सजा मिलेगी।