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52 दिन बाद प्रतापगढ़ में मिला कारोबारी शोएब का शव

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लखनऊ। कैसरबाग के टायर व्यापारी मोहम्मद शोएब की हत्या के 52 दिन बाद प्रतापगढ़ के पट्टी थाना क्षेत्र में शारदा सहायक नहर में शुक्रवार को उनका शव मिला है। परिवारीजनों ने कपड़ों से शव की पहचान की। फिर पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव लेकर लखनऊ आए और यहां सदर कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
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मालूम हो कि कैसरबाग के खंदारी बाजार निवासी मो. शोएब खान टायर के कारोबारी थे। 14 दिसंबर को वह बाइक लेकर घर से निकलने के बाद लापता हो गए थे। शोएब के भाई, पूर्व छात्रनेता व अधिवक्ता अमीर हमजा खान ने 15 दिसंबर को कैसरबाग कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस व क्राइम ब्रांच ने 23 दिसंबर को वारदात का खुलासा किया कि शोएब की 14 दिसंबर को ही खदरा में हत्या कर शव सीतापुर में सरैया पुल से शारदा नहर में फेंक दिया गया था।
आरोपी नसीम अहमद उर्फ राजा निवासी खदरा, शोएब खान उर्फ टोपी निवासी हरी मस्जिद खदरा, अकील निवासी मक्कागंज, खदरा और शादाब निवासी ग्राम जलालपुर भडई, थाना बिसवां, सीतापुर को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर शोएब की अपाचे बाइक, वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड, डाला वाहन, शोएब की अंगूठी व पर्स बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही शारदा नहर में शव की तलाश कराई मगर सफलता नहीं मिली। सिंचाई विभाग में सूचना देकर आसपास के जनपदों में भी नहर में शव तलाशने में मदद मांगी गई थी।
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कैसरबाग इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने बताया कि शुक्रवार को प्रतापगढ़ के पट्टी थाना क्षेत्र में शारदा सहायक नहर में कई दिन पुराना एक व्यक्ति का शव मिला था। पट्टी इंस्पेक्टर नंदलाल सिंह ने कैसरबाग पुलिस को सूचना के साथ ही शव का फोटो भेजा था जिसके बाद कैसरबाग पुलिस शोएब के परिवारीजनों को लेकर प्रतापगढ़ गई। परिवार के लोगों ने शव पर मिले कपड़ों से उसकी पहचान शोएब के रूप में की। इंस्पेक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शोएब के परिवारीजन शव लेकर लखनऊ लौटे और सदर कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
लेनदेन के विवाद में हुआ था कत्ल
लखनऊ। डीसीपी (पश्चिम) सोमेन बर्मा ने बताया कि 14 दिसंबर को शोएब, खदरा निवासी नसीम अहमद उर्फ राजा के पास गए थे। वहां होटल पर दोनों ने साथ में जलपान किया था। इसका सीसीटीवी फुटेज मिलने पर नसीम को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने शोएब की हत्या करना कबूल किया था। नसीम ने बताया था कि उसने शोएब से करीब 20 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। खदरा में ही रहने वाले शोएब खान उर्फ टोपी ने भी शोएब से नौ लाख रुपये कर्ज लिया था। यही रकम लौटाने को लेकर विवाद में नसीम व शोएब उर्फ टोपी ने शोएब की हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने मक्कागंज खदरा निवासी अकील को 50 हजार रुपये में शोएब की हत्या के लिए राजी कर लिया था।
नसीम ने 14 दिसंबर को खदरा के होटल पर शोएब को कोल्डड्रिंक पिलाई। फिर उन्हें खदरा स्थित शोएब टोपी के टायर के गोदाम में ले गया। वहां अकील ने पीछे से लोहे के रॉड से शोएब के सिर पर ताबड़तोड़ वार करके हत्या कर दी। इसके बाद शोएब टोपी ने अपने परिचित शादाब निवासी ग्राम जलालपुर भडई, थाना बिसवां, सीतापुर को डाला वाहन लेकर बुलाया। ये लोग डाला से शव लेकर सीतापुर गए और वहां सरैंया पुल से शारदा नहर में फेंक दिया था।
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