लखनऊ के चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में किशोर की मौत बाद बकाया बिल न दे पाने पर 16 घंटे तक शव परिजनों को नहीं दिया गया। मॉर्च्युरी में शव से दुर्गंध उठने लगी तो बृहस्पतिवार सुबह तीमारदारों ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की।
तीमारदारों का आरोप था कि निजी अस्पताल ने पहले इलाज के नाम पर सवा दो लाख रुपये वसूले। मौत के बाद तीन लाख रुपये बकाया होने पर शव नहीं दे रहे थे। पुलिस ने निजी अस्पताल से शव दिलवाकर तीमारदारों को सीतापुर रवाना किया।
सीतापुर के रामपुर मथुरा निवासी अनिल सिंह का बेटा शिवा सिंह (14) को सांस लेने में तकलीफ थी। 17 अप्रैल की देर रात उसे जिला चिकित्सालय ले गए, जहां से ट्रॉमा रेफर कर दिया गया। 18 अप्रैल की सुबह तीमारदार बच्चे को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध बता भर्ती नहीं किया।
इस बीच निजी एंबुलेंस चालक ने बेहतर इलाज का झांसा देकर चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करा दिया। किशोर के चचेरे भाई सरवन सिंह का आरोप है कि निजी अस्पताल ने इलाज के नाम पर सवा दो लाख रुपये वसूल लिए। बुधवार देर शाम किशोर की मौत हो गई।