बहराइच-लखनऊ मार्ग स्थित मरौचा के निकट अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) जेएन मिश्रा के फॉर्म हाउस से शुक्रवार देर शाम 60 गायों की लाशें बरामद हुईं।
प्रशासन की संयुक्त टीम की छापेमारी में वहां बांधकर रखीं गईं 50 जिंदा गायें व बछड़े भी मिले। अवैध ढंग से बनाई जा रहीं दवाएं भी बरामद हुई हैं।
बहराइच के एसीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा के मरौचा गांव के पास फॉर्म हाउस पर अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) दिनेश त्रिपाठी और एसडीएम कैसरगंज अमिताभ यादव की टीम ने छापेमारी की।
वहां के अलग-अलग हिस्से में खोदाई कराने पर 60 गायों की लाशें बरामद हुईं। इन्हें लगभग छह माह के अंदर ही दफनाया गया था।
फॉर्म हाउस सील, सुरक्षा में पुलिस तैनात
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- फोटो : amar ujala
फॉर्म हाउस के एक कमरे में कुछ दवाएं भी बरामद हुईं, जिसमें कैप्सूल के कुछ खाली पैकेट और गोलियां थीं। प्रशासन ने फॉर्म हाउस को सीज कर दिया है। वहां सुरक्षा में पुलिस की तैनाती कर दी गई है।
एएसपी दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि छापेमारी के दौरान फॉर्म हाउस पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। फखरपुर थाना क्षेत्र के बुबकापुर गांव निवासी स्वामी महाराज की तहरीर पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत डॉ. जेएन मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
वहीं, एडीएम अमिताभ यादव ने बताया कि जो जिंदा गाय बरामद हुईं हैं, आसपास के ग्रामीणों की मदद से उनके लिए चारे की व्यवस्था की जा रही है। गायों की सुरक्षा के लिए पशु चिकित्सा विभाग की टीम लगाई गई है।
200 रुपये में खरीदते थे गाय
प्रशासनिक अफसरों की मानें तो कि एसीएमओ की ओर से किसी के भी द्वारा एक गाय लाने पर 200 रुपये का भुगतान किया जाता था। वहीं कुछ ग्रामीण अपनी मर्जी से भी गाय को फॉर्म हाउस पर छोड़ जाते थे।
जांच को भेजा जाएगा सैंपल
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बलवंत सिंह ने आशंका जताई कि एसीएमओ मृत गायों के अवशेषों से अवैध रूप से आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में लिप्त थे।
बरामद दवाओं के सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ व मथुरा भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।