मलयेशिया से अयोध्या दर्शन के लिए आए बुजुर्ग पर्यटक की रविवार रात रामायण होटल के कमरे में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। कमरे को जब खोला गया तो वह बेड पर मृत पड़े थे। टीवी चल रहा था। मौत का कारण जानने के लिए अयोध्या कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर कमरे को सील कर दिया। सोमवार को पुलिस मलयेशिया में रह रहे मृतक के बेटे की सहमति पर शव का पोस्टमार्टम कराया। हार्ट अटैक से मौत की आशंका है।
मलयेशिया का एक डेलीगेशन वाराणसी से अयोध्या दर्शन पूजन के लिए रविवार को पहुंचा। ये सभी लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बूथ नंबर चार के पास स्थित द रामायण होटल में तीन कमरे बुक कराकर रुके थे। रात करीब 8:30 बजे रूम सर्विस के लिए गए होटलकर्मी ने कमरा नंबर 3105 की घंटी बजाई लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसकी सूचना होटल प्रबंधन को दी। प्रबंधन ने डुप्लीकेट चाभी से कमरे का दरवाजा खोेला तो उसमें ठहरे दर्मा राजा आरपी सन्मुगम (73) बेड पर बैठी मुद्रा में दिखे। टीवी चल रहा था। उनके साथियों ने उन्हें छुआ तो वह बिस्तर पर गिर पड़े। इसकी सूचना पुलिस को देकर उन्हें दर्शन नगर मेडिकल काॅलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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एसपी सिटी मधुबन सिंह, सीओ अयोध्या एसपी गौतम, अयोध्या कोतवाल मनोज कुमार शर्मा ने फोरेंसिक टीम के साथ कमरे की जांच की। इसके बाद कमरे को सील कर दिया गया। काेतवाल ने बताया कि पर्यटक दल में दो महिलाएं चार पुरुष शामिल थे। इनके नाम राधाकृष्णन सीके रमन, पारापुईल सुजाथा, एएल पाथी, माधवी के कृष्णा, राधा करुप्पन हैं। मृतक के बेटे को फोन पर उससे वार्ता हुई है। वह भारत के लिए रवाना हो चुके हैं।
दिल की बीमारी से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु की भी जान गई
लखनऊ गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सूर्या होटल में ठहरे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु भोलाराम (52) की मौत हो गई। उन्हें दिल की बीमारी थी। मृत्यु होने के बाद परिवारीजन पुलिस को सूचना दिए बिना ही अपने साथ लेकर छत्तीसगढ़ रवाना हो गए। सभी निजी बस में अपने साथियों के साथ अयोध्या दर्शन पूजन को आए श्रद्धालु सूर्या होटल में ठहरे थे। रविवार की रात भोलाराम की तबीयत खराब हो गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। कोतवाल मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई।