उन्होंने इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी। पहले तो अस्पताल प्रशासन ने मानने से इनकार कर दिया। इस दौरान वाराणसी निवासी महिला के परिजनों ने फतेहपुर के परिजनों से भी बात की तो भी सशंकित हो गए। इस पर वे दोनों शव लेकर पीजीआई लौटे। यहां आने पर दोबारा मिलान किया गया तो शव बदलने की पुष्टि हुई। इसके बाद परिजनों को शव दिखा कर दोबारा पैकिंग की गई।
वाहन में शव रखते समय चूक हो गई थी। लेकिन यह गलती अस्पताल प्रशासन ने खुद पकड़ ली और दोनों वाहनों को रास्ते से लौटाया गया। इसके बाद संबंधित शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। - डॉ. आरके सिंह, नोडल ऑफिसर, राजधानी कोविड अस्पताल