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Gonda: रेलवे ट्रैक पर टुकड़ों में मिले चचेरे भाई-बहन के शव, कपड़े व शॉल से परिजनों ने की पहचान

Mon, 17 Feb 2025 07:59 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, इटियाथोक (गोंडा)

सार

गोंडा जिले के इटियाथोक-सुभागपुर के बीच एक गांव के पास चचेरे भाई-बहन के शव पड़े मिले हैं। पुलिस को जानकारी मिली थी कि मालगाड़ी की चपेट में आने के कारण मौत हुई है।
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गोंडा-बलरामपुर रेलखंड पर खिरौरा शहबाज गांव के पास इसी स्थान पर युवक-युवती ने की आत्महत्या। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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खिरौरा शहबाज गांव से करीब एक किमी दूर गोंडा-बलरामपुर रेल मार्ग पर रविवार रात जैशराम (30) और निशा (25) का शव संदिग्ध हालात में पड़ा मिला। दोनों के शव के कई टुकड़े हो चुके थे। दोनों आपस में चचेरे भाई-बहन हैं। स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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रविवार रात करीब 12:10 बजे बलरामपुर से गोंडा आ रही मालगाड़ी के चालक ने सुभागपुर रेलवे स्टेशन पर दो लोगों के ट्रेन से कटकर मौत होने की जानकारी दी। यह सूचना इटियाथोक स्टेशन अधीक्षक विवेकानंद शुक्ल को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने फोन के जरिए परिजनों को घटना की जानकारी दी। कपड़े व शॉल से परिजनों ने शवों की पहचान की।

इटियाथोक प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पांडेय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोनों रिश्ते में चचेरे भाई-बहन हैं। हालांकि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों से पूछताछ के साथ-साथ अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। एएसपी पूर्वी मनोज कुमार रावत ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि खिरौरा शहबाजपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास मालगाड़ी की चपेट में आने के कारण दो की मौत हो गई है। इस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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ट्रक चलाता था जैशराम
जैशराम पासवान ट्रक चलाकर पत्नी व मासूम बेटी का भरण-पोषण करते थे। उनकी करीब पांच साल पहले शादी हुई थी। अपने तीन भाइयों में वह दूसरे नंबर पर थे। जैशराम के पिता ने बताया कि उनका बेटा चालक था। दो दिन पहले घर लौटा था। देरशाम कहां गया था, उन्हें जानकारी नहीं थी।

घर पर रहती थी निशा
निशा अपने दो भाई और तीन बहनों में पांचवें नंबर पर थी। निशा की मां का वर्तमान में गोंडा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों के परिजन पट्टीदार बताए जा रहे हैं। दोनों का घर आसपास हैं। सोमवार रात में घर पर निशा के छोटा भाई के अलावा बड़े भाई की पत्नी थीं। जबकि पिता राजकोट में नौकरी करते हैं। भाई ने बताया कि दोनों परिवार में करीब छह महीने पहले विवाद हुआ था। दोनों के बीच बोलचाल व आवाजाही तक बंद थी।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
रेलवे ट्रैक पर दोनों का क्षत-विक्षत शव देखकर लोग कांप उठे। जैशराम की पत्नी शव देखकर बेसुध हो गईं। मां, पिता, भाइयों समेत परिजन व रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में एक साथ दो की मौत से मातम पसरा हुआ है।

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