भाजपा के निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह ने जेल से छूटने के बाद रविवार को मायावती को चुनाव लड़ने की चुनौती दे दी। उन्होंने कहा कि मायावती सूबे की 403 विधानसभा सीटों में से किसी भी सामान्य सीट को चुन लें, वहां मेरी पत्नी निर्दलीय उनका मुकाबला करेंगी।
दयाशंकर बोले, मैं आज फिर से कहता हूं कि मायावती टिकट बेचती हैं। उस दिन भी मैंने यही कहा था लेकिन मेरा उदाहरण गलत था। उसके लिए मैं पहले ही माफी मांग चुका हूं।
मऊ जेल से छूटने के बाद लखनऊ आए दयाशंकर सबसे पहले अपने घर पर अपनी बेटी व मां से मिले। इसके बाद पत्नी स्वाति सिंह के साथ उन्होंने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि मैंने जो भी बोला, उसके लिए मुझे पहले उपाध्यक्ष पद से हटाया गया। फिर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। मेरे खिलाफ एफआईआर हुई और मैं जेल भी गया।
यह लड़ाई मेरे व मायावती के बीच थी, लेकिन उनके नेता नसीमुद्दीन व रामअचल राजभर ने लाउडस्पीकर से जिस तरह का व्यवहार मेरी नाबालिग बेटी, बूढ़ी मां व पत्नी के साथ किया, उसे सभी ने देखा।
'मुझे ऐसे पकड़ा गया जैसे दाऊद को पकड़ा हो'
दयाशंकर ने कहा कि राज्य सरकार ने मेरी गिरफ्तारी के लिए इस तरह की व्यवस्था की थी जैसे दाऊद इब्राहिम को पकड़ना हो। मेरी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ भी लगाई गई थी। 15 गाड़ियां व 60 पुलिस वाले थे।
वहीं, खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि बसपा के लोगों ने बहुत ही घृणित कार्य किया है। इसके बाद भी नसीमुद्दीन सिद्दीकी व रामअचल राजभर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मायावती टिकट बेचती हैं, करा ली जाए सीबीआई जांच
दयाशंकर ने कहा कि सीबीआई जांच हो जाए तो पता चल जाएगा कि मायावती कितने में टिकट बेचती हैं। यदि सीबीआई जांच ऐसे न हुई तो मैं हाईकोर्ट में इसके लिए जल्द पीआईएल दाखिल करूंगा।
मायावती ने ही भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के आरोपी विजय सिंह को टिकट दिया था। स्टेट गेस्ट हाउस कांड में बलिया के विधायक संग्राम यादव मुलजिम थे, उन्हें भी पैसा लेकर मायावती ने टिकट दिया था। मायावती पैसे के लिए कुछ भी कर सकती हैं।
'देश में मायावती से भ्रष्ट कोई और नेता नहीं'
दयाशंकर ने कहा कि मायावती भ्रष्टाचार की जननी हैं। देश में उनसे अधिक भ्रष्ट कोई नेता नहीं है। गरीब परिवार में पैदा होने वाली मायावती व उनके भाई आज हजारों करोड़ रुपये के मालिक हैं। होमगार्ड की नौकरी करने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी हजारों करोड़ के मालिक हैं।
30 साल तक वकालत करने वाले सतीशचंद्र मिश्रा की संपत्ति भी मायावती के संपर्क में आने के बाद ही बढ़ी है। आज वे विश्वविद्यालय व मेडिकल कॉलेज खोल रहे हैं। यह सब पैसा भ्रष्टाचार से आ रहा है।
मुस्लिम वोट खिसकने के डर से नहीं हो रही नसीमुद्दीन पर कार्रवाई
दयाशंकर ने अखिलेश यादव सरकार पर आरोप लगाया कि मुस्लिम वोटों के खिसकने के डर से ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर कार्रवाई नहीं हो रही है। नसीमुद्दीन व राजअचल राजभर खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही।
बसपा के लोगों से है जान का खतरा
दयाशंकर ने कहा, मुझे मऊ की जेल में सामान्य कैदी की तरह मुलाहजा बैरक में रखा गया। मुलाकातियों से मुझे मिलने नहीं दिया गया। मऊ जिला किसका है, यह सभी जानते हैं। बसपा के लोगों से मुझे जान का खतरा है।
मेरे हीमोग्लोबिन में है भाजपा
दयाशंकर ने कहा कि वे 23 साल से भाजपा, संघ एवं विद्यार्थी परिषद में हैं। एक-एक सीढ़ी चढ़कर प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर पहुंचा था, लेकिन मुझे पार्टी से निकाल दिया गया। हालांकि मैं पार्टी से अलग नहीं हूं। मेरे रग-रग में, यहां तक कि हीमोग्लोबिन में भी भाजपा व राष्ट्रवाद भरा हुआ है।
पुलिस प्रशासन नहीं दे रहा मेरा साथ : स्वाति
दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह ने कहा कि जनता मेरे साथ है, लेकिन पुलिस प्रशासन मेरा साथ नहीं दे रही है। पुलिस प्रशासन पर भी दबाव है। यही कारण है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जिस तरह खुलेआम मेरी नाबालिग बेटी के लिए अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया, इसके बावजूद उन पर अभी तक पॉक्सो एक्ट नहीं लगा है।