बता दें कि वसीम रिजवी ने हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर मदरसों पर कई आरोप लगाए थे। इसमें लिखा था कि आतंकी संगठन कुछ मदरसों को आर्थिक सहायता करते हैं। इन्हें बंद करने की जरूरत है। मदरसों ने इंजीनियर, डॉक्टर या अफसर नहीं दिए लेकिन आतंकवादी जरूर पैदा किए हैं।
कुछ संगठन और कट्टरपंथी मुस्लिम बच्चों को सिर्फ मदरसे की शिक्षा देकर उन्हें मुख्यधारा से दूर कर रहे हैं। यहां शिक्षा का स्तर काफी नीचे है। बच्चों को सही शिक्षा न मिलने से वे देश की मुख्यधारा से अलग हो जाते हैं। धीरे-धीरे आतंकवाद की ओर रुझान बढ़ने लगता है।
मदरसों को मिलने वाली आर्थिक मदद की जांच होनी चाहिए। ज्यादातर मदरसे जकात के पैसे से चल रहे हैं जो भारत के अलावा बांग्लादेश और पाकिस्तान आ रहा है। रिजवी के इसी पत्र से मौलानाओं में उबाल है।