पिछले काफी समय से मुख्य सचिव राजीव कुमार का नाम केंद्र सरकार में जून में रिक्त हो रहे कैबिनेट सचिव पद के लिए भी चल रहा है। इस पद के लिए गुजरात काडर के आईएएस अधिकारी व केंद्रीय वित्त सचिव हसमुख अढ़िया, यूपी काडर के आईएएस और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अनिल स्वरूप तथा प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। ये तीनों ही अधिकारी 1981 बैच के हैं।
अनिल व राजीव का रिटायरमेंट जून में है, जबकि अढ़िया का रिटायरमेंट सितंबर में है। ऐसे में अढ़िया का नाम इस पद के लिए ज्यादा मजबूत माना जा रहा है। हालांकि तमाम समीकरणों की वजह से यूपी के इन दोनों अधिकारियों का नाम भी दावेदारों में बना हुआ है।
जानकार बताते हैं कि चूंकि कैबिनेट सचिव का पद जून में खाली हो रहा है, ऐसे में समीकरण पक्ष में बनने की दशा में भी मौजूदा मुख्य सचिव राजीव की इसके पहले लखनऊ से दिल्ली जाने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में मई में ही रिटायर हो रहे चौधरी के अचानक यूपी आने से मुख्य सचिव के पद को लेकर लगाई जा रही अटकलें बेमतलब हैं।