केंद्रीय प्रसारण मंत्रालय ने एसटीबी प्रसारण से जुड़े उपभोक्ताओं के कैफ (कंज्यूमर एप्लीकेशन फॉर्म) व पैफ (प्रोग्राम एप्लीकेशन फॉर्म) भरवाने की मियाद 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है।
मंत्रालय ने नेटवर्क प्रसारण से जुड़े शहर के चारों प्रमुख मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) के अनुरोध को स्वीकार करते हुए ये फैसला किया है।
इससे पूर्व, कैफ-पैफ की कंप्यूटर फीडिंग की मियाद 20 दिसंबर को खत्म हो रही थी। डेन नेटवर्क से जुड़े प्रमुख एमएसओ संचालक ओमेश्वर सिंह ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बीते दिनों केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर एसटीबी उपभोक्ताओं के कैफ-पैफ भरवाने की मोहलत को 15 दिन और बढ़ाने की मांग की गई थी।
डेन व डीजी नेटवर्क से जुड़े एमएसओ का तर्क था कि शहर में अप्रैल से डिजिटलाइजेशन की अनिवार्यता के बाद एसटीबी प्रसारण शुरू हुआ है।
अन्य बड़े शहरों के एमएसओ को कैफ-पैफ भरवाने के लिए मंत्रालय द्वारा दो से ढाई साल तक का समय दिया गया है।
उपभोक्ताओं से उक्त फॉर्म भरवाने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए शहर के एमएसओ को फॉर्म भरवाने के लिए कुछ अतिरिक्त मोहलत दी जानी चाहिए।
शहर में करीब 3.35 लाख एसटीबी कनेक्शनों के सहारे डेन व डीजी नेटवर्क से जुड़े चार बड़े एमएसओ केबल प्रसारण से जुड़े हैं।
एमएसओ से संबद्ध छोटे केबल ऑपरेटरों की उदासीनता से शहर में पैफ भरवाने का कार्य बस कागजों पर ही शुरू हो पाया है, जबकि कैफ भी अब तक सिर्फ साठ फीसदी एसटीबी कनेक्शनधारियों से ही भरवाया गया है।
पैफ पर देना पड़ेगा पैकेज प्रोग्राम
पैफ भरवाने के बाद केबल ऑपरेटर उपभोक्ताओं से मनमाना शुल्क नहीं वसूल पाएंगे। वर्तमान में केबल प्रसारण के लिए एसटीबी उपभोक्ताओं से मासिक दो से तीन सौ रुपये तक शुल्क लिए जा रहे हैं।
केबल टीवी पर कार्यक्रमों का प्रसारण भी एमएसओ की मनमर्जी के आधार पर होता है। पैफ भरवाने के बाद ऑपरेटरों को चार तरह के पैकेज प्रोग्राम दर्शकों को देना अनिवार्य होगा।
इसमें न्यूनतम 134 रुपये, 199 रुपये, 260 रुपये व 299 रुपये (टैक्स सहित) मासिक का पैकेज प्रोग्राम चुनने के साथ ही हर पैकेज में दिखाए जाने वाले फ्री व पेड चैनलों की सूची भी उपभोक्ताओं को मिलेगी।