बछरावां (रायबरेली)। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड के बछरावां रेलवे स्टेशन के आसपास एक किमी के दायरे में 30 से ज्यादा स्लीपर क्षतिग्रस्त हैं। ये स्लीपर चटकने के साथ कुछ जगहों पर टूट चुके हैं, फिर भी इन्हें बदला नहीं जा रहा है। इन्हीं स्लीपर के ऊपर बिछी रेल पटरी पर वंदेभारत समेत 40 ट्रेनें रोजाना फर्राटा भरती हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
बछरावां रेलवे स्टेशन पर अधीक्षक कार्यालय के सामने प्लेटफार्म संख्या एक और दो की रेल लाइनों पर कई स्लीपर टूटे हैं। वहीं, लालगंज रोड की क्रॉसिंग के पास भी स्लीपर चटक गए हैं। कई स्लीपर तो टूट भी गए हैं। वहीं, रेल लाइनों की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कस्बा निवासी देव शंकर, सोनू, मंजू, अभिषेक कुमार का कहना है कि वर्ष 2015 में जनता मेल दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, फिर भी खामियों की अनदेखी की जा रही है। बछरावां स्टेशन से रोजाना वंदेभारत, पंजाब मेल, जनता मेल, गंगा गोमती, नीलांचल, अर्चना एक्सप्रेस समेत 40 ट्रेनें गुजरती हैं। वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) शुभव श्रीवास्तव का कहना है कि रेलवे ट्रैक की नियमित जांच कराई जाती है। यदि कोई स्लीपर मानक के अनुरूप नहीं लगे हैं तो उन्हें बदल दिया जाएगा।
दूर की गई रेलवे ट्रैक की खराबी
रायबरेली। ऊंचाहार-उन्नाव रेलखंड के डलमऊ और लालगंज रेलवे स्टेशनों के बीच खराब रेलवे ट्रैक दुरुस्त कर दिया गया है। आफताब नगर के पास स्लीपर टूटा होने और पटरी चटकी होने की एक फोटो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। रेलवे ट्रैक में खराबी की वजह से कानपुर-प्रयागराज पैसेंजर को धीमी रफ्तार से चलाया गया था। इस बात का पता चलते ही रेलवे महकमा हरकत में आ गया। रेल पथ निरीक्षक राम शंकर का कहना है कि रेलवे ट्रैक में जो भी खराबी थी, उसे ठीक कर लिया गया है। रेल मार्ग पूरी तरह दुरुस्त है। यातायात निरीक्षक बाल मुकुंद का कहना है कि रेलवे ट्रैक का फिटनेस मिल गया है, जिससे अब कोई दिक्कत नहीं है।