मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर बकाया दुग्ध मूल्य के
लिए दिए गए पैसे को कर्मचारियों के वेतन पर खर्च करने की शिकायत की पड़ताल
शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस संबंध में दुग्ध विकास विभाग से
तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है।
मुख्यमंत्री
ने पिछले शनिवार को विकास योजनाओं के लिए आवंटन पत्र सौंपने के समय बताया
था कि उन्हें जानकारी मिली है कि दुग्ध विकास विभाग ने किसानों के बकाया
दुग्ध मूल्य के लिए मिली रकम कर्मचारियों के वेतन पर खर्च कर दी है।
उन्होंने इसकी जांच कराने का निर्देश दिया था। सोमवार को विकास एजेंडे से
जुड़ी प्रेसवार्ता में हुए एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने फिर कहा था कि इस
मामले की जांच कराई जा रही है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि
इस तरह की शिकायत पूरे प्रदेश से नहीं है बल्कि कुछ जिलों से ही है।
नियमानुसार सरकार जिस मद में पैसे की स्वीकृति देती है, उसे किसी दूसरे मद
में खर्च नहीं किया जा सकता।
इसके बाद
मुख्यमंत्री सचिवालय ने दुग्ध विकास विभाग से इस संबंध में तथ्यात्मक
रिपोर्ट मांगी है। मामले की शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह
शिकायत फर्रुखाबाद जिले से जुड़ी है।
वहां के एक दुग्ध संघ से जुड़े
सपानेता ने इस तरह की शिकायत की है। मामला शीर्ष स्तर से जुड़ा होने की वजह
से अधिकारियों ने इस मामले में चुप्पी साध ली।
अधिकारी बस इतना कहते हैं
कि सही तथ्य से सरकार को अवगत करा दिया जाएगा।