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Lucknow News: महिला सशक्तीकरण की आध्यात्मिक क्रांति के सूत्रधार हैं दादा लेखराज

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राजयोगिनी राधा दीदी को सुनते ब्रह्माकुमारीज के सदस्य। -संवाद
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लखनऊ। गोमतीनगर के विपुलखंड में रविवार को ब्रह्माकुमारीज संस्थान के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा (दादा लेखराज) की 57वीं पुण्यतिथि पर विश्व शांति दिवस मनाया गया। राजयोगिनी राधा दीदी ने ब्रह्मा बाबा के जीवन से जुड़े गहन आध्यात्मिक अनुभवों और उनके विश्व-कल्याणकारी दृष्टिकोण को साझा किया। बताया कि उन्होंने वर्ष 1930 में संस्थान का महिलाओं को नेतृत्व सौंपकर एक ऐसी क्रांति की नींव रखी जो आज वैश्विक स्तर पर सशक्त रूप से दिखाई दे रही है। यह रूढ़ सामाजिक ढांचे को तोड़ने वाला साहसिक निर्णय था।
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20वीं शताब्दी के मध्य का भारतीय समाज, जहां महिलाओं की भूमिका प्रायः घरेलू दायरे तक सीमित मानी जाती थी, वहां ब्रह्मा बाबा ने महिलाओं को आध्यात्मिक ज्ञान, प्रशासनिक अधिकार और संस्थागत नेतृत्व प्रदान कर एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने ऐसा महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज से जोड़ने के लिए किया था। इसलिए वह महिला सशक्तीकरण की आध्यात्मिक क्रांति के सूत्रधार हैं। राधा दीदी ने यह भी संदेश दिया कि राजयोग के अभ्यास से व्यक्ति मृत्यु के भय से मुक्त होकर शांत, स्थिर और सशक्त जीवन जी सकता है। विश्व शांति की शुरुआत आत्म-शांति से होती है, और ब्रह्मा बाबा का संपूर्ण जीवन इस सत्य का जीवंत उदाहरण है। इसमें ब्रह्माकुमारीज के सभी सदस्य मौजूद रहे।

राजयोगिनी राधा दीदी को सुनते ब्रह्माकुमारीज के सदस्य। -संवाद

राजयोगिनी राधा दीदी को सुनते ब्रह्माकुमारीज के सदस्य। -संवाद

राजयोगिनी राधा दीदी को सुनते ब्रह्माकुमारीज के सदस्य। -संवाद

राजयोगिनी राधा दीदी को सुनते ब्रह्माकुमारीज के सदस्य। -संवाद

राजयोगिनी राधा दीदी को सुनते ब्रह्माकुमारीज के सदस्य। -संवाद

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