फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: पापा प्लीज बचा लो..मैं फंस गया हूं...

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। पापा प्लीज बचा लो, आग गई है। यह सुनते ही छात्र सुखमणि के पिता प्रभुज्योजि सिंह के हाथ से मोबाइल छूट गया। वह तुरंत घर से निकलकर घटनास्थल पहुंचे। वहां से पता चला कि सुखमणि को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। इस पर प्रभुज्योजि ट्रॉमा और फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां बेटा का शव देखकर वह मौन हो गए। सिर्फ आंसू निकल रहे थे।
विज्ञापन


बेटा का शव देख बेसुध हुए जयंत
मध्य प्रदेश के अनुपुर निवासी जयंत चक्रवर्ती ने चादर हटाकर बेटे जयनील चक्रवर्ती का शव देखा तो वह लड़खड़ाए और बेहोश हो गए। लोगों ने उन्हें संभाला। होश में आते ही फूटफूट कर रोने लगे। जयनील तीन वर्ष से अलीगंज के सेक्टर-एच में किराये के मकान में रहकर स्टूडियो में ग्राफिक का काम करते थे। उनके परिवार में छोटा भाई जयदीप और मां दुर्गा देवी हैं।

-

काश रोक लेती बेटे को...
कानपुर के गोविंद नगर की सोनिया विज पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पहले उनके पति पुष्पराज की मौत हो गई और अब बेटे संयम विज ने भी छोड़ दिया। सोनिया ने रोते हुए कहा कि वह बेटे को दूर जाने नहीं देना चाहती थीं, पर वह नहीं माना। काश, मैंने अपने लाल को रोक लिया होता। सयंम तीन वर्ष से स्टूडियो में थ्रीडी एनीमेशन आर्टिस्ट की नौकरी करते थे। उनका बड़ा भाई शुभम विज है।
विज्ञापन


-

भगवान इससे अच्छा मुझे उठा लेता....
भगवान इससे अच्छा तो मुझे उठा लेता.... यह कहते हुए जानकीपुरम निवासी केशव पंत फफक पड़े। उनका बेटा सागर भी स्टूडियो में काम करता था। घटना में जान गवांने वाले मो. अम्मार के पिता मंसूर आलम का भी कुछ ऐसा ही हाल था। अम्मार बाराबंकी के लखपेड़ा बाग के रहने वाले थे। वह स्टूडियो में तीन साल से थी ड्री एनीमेश के नौकरी कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें