साइबर ठगों ने जनवरी से सितंबर तक हजारों लखनवियों के खातों में सेंध लगाकर 21.57 करोड़ से अधिक की चोट दी है। किसी को घर बैठे पैसे कमाने का लालच दिया तो किसी को क्रेडिट व डेबिट कार्ड बंद होने का डर दिखाया। किसी को लिंक भेजकर और ऐप डाउनलोड करवाकर चपत लगाई। साइबर के शातिरों ने औसतन 2.40 करोड़ रुपये हर महीने खातों से निकाले हैं।
साइबर क्राइम सेल में दर्ज शिकायतों के आंकड़े बताते हैं कि ठगी गई रकम में से महज 52.33 लाख रुपये ही वापस कराए जा सके। इसके अलावा साइबर क्राइम सेल के जागरूकता अभियान के चलते 15 प्रतिशत लोगों के 3.61 करोड़ रुपये खातों से निकलने से बच गए। करीब 336 लोगों ने ठगी के तुरंत बाद शिकायत की थी। इस पर सेल ने तत्काल खाते को फ्रीज कर रकम वापस करा दी थी।
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साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर रणजीत राय के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में पीड़ित न तो थाने जाता है न ही साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराता हैं। सेल में नौ महीनों में करीब 3569 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से ज्यादातर मामलों में झारखंड जामताड़ा इलाके के अपराधी शामिल हैं। इसके अलावा नया गिरोह राजस्थान में सक्रिय हुआ है।
यह गिरोह फेसबुक व व्हाट्सएप पर युवतियों के जरिये वीडियो कॉल करवाता है। इस दौरान न्यूड वीडियो बनाकर वसूली करता है। गिरोह को ट्रेस कर लिया गया है। दावा है कि जल्द खुलासा किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह ने ज्यादातर व्यापारी, डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारियों, रसूखदार नेताओं, बड़े बिल्डर को शिकार बनाया है। इनमें से अधिकतर शिकायत भी नहीं दर्ज कराते हैं।
जनवरी से सितंबर तक के आंकड़े
महीना -- ठगी गई रकम (रुपया)
जनवरी -- 1,97,39,513
फरवरी -- 1,61,64,910
मार्च -- 2,26,10,425
अप्रैल -- 2,04,83,711
मई -- 1,57,32,287
जून -- 3,13,68,178
जुलाई -- 3,34,46,874
अगस्त -- 2,57,88,353
सितंबर -- 3,04,54,114
कुल रुपये -- 215788365
ऐसे बचें साइबर अपराधियों से
- किसी भी प्रकार की इनामी योजनाओं के लालच में न आएं।
- कोई भी लिंक भेज रहा है तो बिना जानकारी के उसे न खोलें।
- किसी के कहने पर कोई एप डाउनलोड न करें।
- सरकारी या निजी बैंक किसी भी तरह का ओटीपी नहीं मांगता है।
- ठगी के शिकार हो जाएं तो तुरंत साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें।
सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा ठगी
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी के मुताबिक साइबर जालसाजी के सबसे ज्यादा मामले सोशल मीडिया से जुड़े हैं। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और एटीएम क्लोन के भी मामले सामने आ रहे हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा साइबर ठग सोशल मीडिया और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर एक्टिव हैं।