फेसबुक पर बेबाक चैटिंग, फोटो शेयरिंग और पल-पल की सूचनाएं पोस्ट करने वाली छात्राएं-महिलाएं नहीं जानतीं कि वह कितनी बड़ी गलती कर रही हैं। कोई शातिर या हैकर उनकी इन सूचनाओं का इस्तेमाल कर उन्हें सामाजिक व आर्थिक क्षति पहुंचा सकता है।
यह जानकारी साइबर एक्सपर्ट व एसटीएफ के एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने शुक्रवार को लखनऊ के गोमतीनगर के एक होटल में यूनिसेफ और महिला सम्मान प्रकोष्ठ के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में दी। उन्होंने छात्राओं-महिलाओं और युवाओं को सोशल मीडिया के खतरों से आगाह किया।
एएसपी ने कहा कि फेसबुक पर अपराधियों, शोहदों और हैकरों ने करोड़ों फर्जी प्रोफाइल बना रखी हैं, जिनके जरिये वह लोगों से ठगी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा शिकार युवा हो रहे हैं। शातिर हैकर उन्हें बातों में फंसाकर गोपनीय जानकारियां लेने के साथ ही उनकी फोटो डाउनलोड कर अर्थ का अनर्थ कर रहे हैं।
इससे छात्राएं-महिलाएं जरा सी लापरवाही से मानसिक रूप से प्रताड़ित होने के साथ ही सामाजिक अपमान की शिकार भी हो रही हैं। फेसबुक पर शेयर उनकी फोटो डाउनलोड करके फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर के जरिए अश्लील बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।
कानून के बारें में दी जानकारी
सोशल मीडिया के खतरों से अवगत करातीं विशेषज्ञ
- फोटो : amar ujala
एएसपी ने फेसबुक के अलावा सोशल मीडिया में कई तरह के खतरे हैं। इसमें लड़कियों से छेड़छाड़, उनके चरित्र का हनन, व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता, आरोप-प्रत्यारोप, सामाजिक छवि धूमिल करने, बैंक फ्रॉड, ई-मेल फ्रॉड, धोखा देकर शादी करने, नौकरी के नाम पर ठगने जैसे कई तरह के मामले शामिल हैं।
सभी तरह के मामलों में कानून कहां और कितना मददगार है? इस बारे में चार्ट के माध्यम से जानकारी दी। इस चार्ट में आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं के जरिये विभिन्न अपराधों पर होने वाली कार्रवाई व सजा के बारे में बताया गया था।
गृह विभाग की विशेष सचिव एस. मिनिस्ती ने अपराध की शिकार महिलाओं के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने दुष्कर्म, तेजाब के हमले, पॉक्सो एक्ट में होने वाली कार्रवाई और क्षतिपूर्ति को लेकर जारी शासनादेश से अवगत कराया।
महिला सम्मान प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश की डीजी सुतापा सान्याल ने बताया कि कार्यशाला में प्रशिक्षित प्रशिक्षक प्रदेश के 20 जिलों में जाकर स्कूली बच्चों-छात्राओं-महिलाओं व युवाओं को साइबर सिक्योरिटी, सेफ सर्फिंग और सोशल मीडिया के खतरों से बचने के तरीके सिखाएंगे।
अपराधों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया की दी जानकारी
डेमो
सुरक्षा संस्था की सचिव शालिनी माथुर ने बच्चों व महिलाओं की काउंसलिंग के लिए जरूरी जानकारियां दीं। प्रकोष्ठ के राज्य समन्वयक मो. जावेद अंसारी ने रूबरू कार्यक्रम के उद्देश्य व उसे स्कूलों में आयोजित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही कार्यक्रम का संचालन भी किया।
महर्षि अग्निहोत्री ने प्रकोष्ठ द्वारा संचालित सारथी कार्यक्रम के तहत चालकों-परिचालकों को सफर के दौरान महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा के लिए दी जाने वाली जागरूकता पर प्रकाश डाला तो राजेंद्र तेवतिया ने प्रकोष्ठ के विकल्प पोर्टल पर घरेलू हिंसा जैसे अपराधों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यशाला में प्रकोष्ठ की डिप्टी एसपी साधना सिंह, सब इंस्पेक्टर नीलोफर खान, सुधा पाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे। शनिवार को कार्यशाला के समापन अवसर पर पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट पर चर्चा की जाएगी।