केजीएमयू के लिंब सेंटर स्थित भवन के मरीजों को सीटी स्कैन के लिए अब मुख्य परिसर के चक्कर नहीं काटने होंगे। मरीजों की सुविधा के लिए पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन सुविधा का शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही शताब्दी भवन में जल्द ही एमआरआई की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
लिंब सेंटर में पिछले महीने तक कोविड अस्पताल चल रहा था। अब सभी विभागों को वापस लिंब सेंटर में संचालित करने की शुरुआत हो गई है। लिंब सेंटर में काफी मरीजों को सीटी स्कैन कराने की जरूरत होती है। अभी तक सीटी स्कैन की सुविधा रेडियोलॉजी विभाग के सामने, न्यू ओपीडी बिल्डिंग तथा ट्रॉमा सेंटर में ही होती थी। अब लिंब सेंटर में भी सीटी स्कैन की शुरुआत की जा रही है। मुख्य कैंपस में 128 स्लाइस की नई मशीन से सीटी स्कैन की शुरुआत भी हुई है। अभी तक ऑप्थेमोलॉजी विभाग में पीपीपी मोड में मरीजों की जांच होती थी लेकिन नई मशीन लगने के बाद अब रेडियोडायग्नोसिस विभाग की ओर से जांच की जा रही है। वहीं दूसरी ओर केजीएमयू शताब्दी भवन में एमआरआई मशीन लगाई जा रही है। अभी तक रेडियोडायग्नोसिस विभाग के सामने स्थित केंद्र में ही एमआरआई हो रही है। यहां 1.5 टेसला मशीन से जांच हो रही है, जबकि अब शताब्दी भवन में 3 टेसला एमआरआई मशीन लगाई जा रही हैं। अगले दो से महीने में यह सुविधा शुरू हो जाएगी।
अब केजीएमयू में चार जगह सीटी स्कैन की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। लिंब सेंटर, मुख्य कैंपस में रेडियोलॉजी विभाग के सामने स्थित सेंटर, न्यू ओपीडी बिल्डिंग व ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा मिल रही है। जल्द ही शताब्दी भवन में एमआरआई की सुविधा भी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू