अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के छोटी देवकाली मंदिर से मां पार्वती का चांदी का मुकुट चोरी होने से हड़कंप मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस मंदिर का पौराणिक महत्व है जो कि अपने आप में एक अनूठा इतिहास समेटे है।
अयोध्या की नगर देवी के रूप में स्थापित मां देवकाली के प्रति नगरवासियों के साथ ही आसपास के कई जिले के लोगों का भी अटूट विश्वास है। नवरात्र के साथ ही यहां आयोजित होने वाले अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं।
अयोध्या के मध्य स्थापित मां देवकाली मंदिर शक्ति परंपरा के वाहकों का अनूठा स्थान है। मंदिर के इतिहास के बारे में धर्मनगरी में प्रमाणिकता तो कोई नहीं है। मगर जनश्रुतियों की मानें तो छोटी देवकाली मिथिलाधाम (जनकपुरी) की देवी सर्वमंगला पार्वती जी ही हैं।
अत्रि संहिता, मिथिला खंड के अनुसार मां सीता जब पितृ गृह जनकपुरी से श्वसुर गृह अयोध्या के लिए चलीं तो पार्वती जी की विग्रह (प्रतिमा) अपने साथ ले गईं। महाराजा दशरथ ने अयोध्या स्थित सप्तसागर के ईशान कोण पर उसी समय पार्वती जी का मंदिर बनवाया जहां मां सीता तथा राजकुल की अन्य रानियां पूजन के लिए जाती थीं। उस दौरान इस मंदिर की मान्यता नगर देवी के रूप में थी। अयोध्या में आज भी ये परंपरा विद्यमान है।