लखनऊ। बिट्स पिलानी समेत नामचीन कॉलेजों में दाखिले का झांसा देकर करीब 50 लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच ने रविवार को भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड और दिल्ली टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (डीटीयू) में बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र यशराज बाजपेई को गिरफ्तार किया है। गिरोह में दो अन्य छात्र भी शामिल हैं। इनमें एक को मुंबई के पवई थाने की पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दूसरा भागा हुआ है।
एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक, मड़ियांव निवासी प्रोफेसर डॉ. किरन चौबे ने 20 अगस्त को साइबर क्राइम थाने में 46 लाख रुपये की ठगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि ध्रुव और अनंत नाम के युवकों ने उनकी बेटी का बिट्स पिलानी में दाखिला कराने का झांसा देकर रकम ऐंठी। जांच में सामने आया कि इस गिरोह का संचालन बिजनाैर के शहीद विहार निवासी यशराज कर रहा था।
लग्जरी जिंदगी के लिए दो साल से कर रहे थे ठगी
एडीसीपी के मुताबिक, पूछताछ में यशराज ने बताया कि उसे लग्जरी जिंदगी जीने के लिए रकम चाहिए थी। दोस्तों के साथ मिलकर उसने दाखिले के नाम पर ठगी की साजिश रची। आरोपी करीब दो साल से इस तरह ठगी कर रहे थे और अब तक लगभग 50 लोगों को शिकार बना चुके हैं।
डोनेशन के नाम पर लेते थे रकम
यशराज के मुताबिक गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी के विज्ञापन चलाता था। इनमें बिट्स पिलानी समेत नामचीन संस्थानों में डोनेशन लेकर दाखिला दिलाने का दावा किया जाता था। विज्ञापन में यशराज अपना नंबर देता था। संपर्क करने वालों से यशराज बात करता और भरोसा जीतने के लिए फर्जी एडमिशन लेटर, रसीद व अन्य दस्तावेज भेजता था। रकम ऑनलाइन और नकद दोनों माध्यमों से ली जाती थी। प्रोफेसर को यशराज ही बिट्स पिलानी कॉलेज में मिला था। पुलिस ने आरोपी के पास से 40 हजार रुपये, मैकबुक प्रो, तीन मोबाइल, पांच डेबिट-क्रेडिट कार्ड और दो सिम बरामद किए हैं। भागे हुए आरोपी की तलाश जारी है।