गर्मी शुरू होते ही जिले में आग ने तांड़व मचाना शुरू कर दिया है। सोमवार को जिले में पांच अलग-अलग स्थानों पर आग लगने से 75 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों की मदद से फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाया। आग से करीब छह लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
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पहला मामला लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के जयपालपुर गांव का है। दोपहर करीब 12 बजे गांव निवासी हरीश श्रीवास्तव के गेहूं के खेत में अज्ञात कारणों से आग लग गई। खेत में फसल काटकर रखी गई थी। आग की लपटें उन तक भी पहुंच गई और उसे अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग की सूचना फायर ब्रिगेड को भी दी। लेकिन दो घंटे बाद भी वे मौके पर नहीं पहुंच सके, जिससे छह बीघा फसल जलकर राख हो गई।
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दूसरी घटना कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मलिकपुर वजूपुर की है। यहां लगी भीषण आग से कई किसानों की पूरी फसल जल कर राख हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि आग से खुर्शीद अहमद की पांच बीघा, एजाज की पांच बीघा, इश्तियाक की चार बीघा, कयूम की दस बीघा, शकील की तीन बीघा, अजीज की पांच बीघा, हाशिम की चार बीघा, कासिम की तीन बीघा गेहूं की फसल जली है। गांव वालों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया।
तीसरी घटना दोस्तपुर थाना क्षेत्र के मुरैनी गांव की है। गांव में शॉर्ट सर्किट से पांच बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। लोगों ने बताया कि आग से गांव के जयराम निषाद, जियाराम, महाजन रामदास, हरिजन, रामकृपाल यादव, रामपाल यादव के खेत की फसल जलकर राख हो गई।
चौथी घटना हलियापुर थाना क्षेत्र के उस्कामऊ गांव की है। गांव निवासी रामबहादुर सिंह के गेहूं के खेत में आग लगने से पड़ोसी शेर बहादुर सिंह, छंगू यादव, रूपनरायन व संतोष सिंह की 12 बीघा गेहूं की फसल जल गई। हलका लेखपाल राम कुमार ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है।
पांचवीं घटना जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के रामनाथपुरवा की है। अज्ञात कारणों से गेहूं के खेत में लगी आग से 13 बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग से बाबूलाल यादव की पांच बीघा, देवधर यादव की तीन बीघा, बंशराज दुबे की एक बीघा, गर्जन की दो बीघा, देशराज की एक बीघा, बाबूलाल की एक बीघा गेहूं की फसल राख हो गई।