बहराइच के सुजौली रेंज के त्रिलोकीगौढ़ी गांव में शुक्रवार भोर एक मगरमच्छ घुस गया। वह जब मवेशियों पर हमला करने की फिराक में था तभी ग्रामीणों को भनक लग गई। ग्रामीणों के घेरने पर मगरमच्छ गन्ने के खेत में घुस गया। वन विभाग के अधिकारियों ने 12 घंटे बाद उसे काबू में किया। मगरमच्छ को गेरुआ नदी में छोड़ दिया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में स्थित गांवों में आए दिन वन और जलीय जीवों का हमला होता है। शुक्रवार भोर में सुजौली रेंज के त्रिलोकी गौढ़ी नौमकापुरवा गांव में एक विशालकाय मगरमच्छ पास के बेरिया नाला से पहुंच गया। भोर में चार बजे के आसपास मगरमच्छ रेंगता हुआ गांव निवासी सतगुरु के मकान के निकट अहाते के पास पहुंचा। इस पर अहाते में बंधे मवेशी छटपटाने लगे।
मवेशियों की आवाज सुनकर सतगुरु की नींद खुली। उन्होंने टार्च जलाया तो सामने मगरमच्छ देख सकते में आ गए। सूचना रेंज कार्यालय को दी गई। इस पर वन वाचर बिफई और सूरज प्रसाद मौके पर पहुंचे।
वन वाचर की पुष्टि के बाद वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव, वन रक्षक मोहरनाथ व अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। शुक्रवार शाम चार बजे टीम मगरमच्छ को खेत में रेस्क्यू कर सकी। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मगरमच्छ सुरक्षित है। उसे वाहन से कतर्नियाघाट रेंज में बहने वाली गेरुआ नदी में छोड़ा जाएगा।