फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विभागीय जांच में खुलासा: जमीन के फेर में फंसे सात जिलों के क्रिटिकल केयर ब्लॉक, गंभीर मरीजों को मिलना है इलाज

Fri, 07 Mar 2025 08:58 AM IST
भूपेन्द्र सिंह चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

गंभीर मरीजों के इलाज के लिए यूपी के सभी जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जाने हैं। लेकिन, सात जिले ऐसे हैं जहां अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। इसलिए इनका निर्माण कार्य अटका हुआ है।
विज्ञापन
अस्पताल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश में अभी तक सात जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। वहीं, चार जिलों में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी (आईपीएचएल) और 18 ब्लॉकों में पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) के लिए भी जमीन की तलाश है। ऐसे में इन जिलों में ये परियोजनाएं अटकी हैं। यह खुलासा विभागीय रिपोर्ट में हुआ है। 

विज्ञापन


अब सभी जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्हें जल्द से जल्द जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष 4892.53 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। 

मिशन के तहत यूपी के 22 जिला चिकित्सालय व 22 मेडिकल कॉलेज में 50 बेड के और 30 जिला चिकित्सालय में 100 बेड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक बन रहा है। इसमें अति गंभीर मरीजों को इलाज की सभी सुविधाएं मिलेंगी। 
विज्ञापन


सूबे के सात जिलों संतकबीरनगर, बुलंदशहर, बलिया, गाजीपुर, ललितपुर, लखीमपुरीखीरी और कानपुर देहात में अभी तक क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। हालांकि अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें