लखनऊ। केजीएमयू में हेपेटाइटिस वायरल लोड की जांच का संकट बरकरार है। करीब डेढ़ माह से सिर्फ गैस्ट्रो मेडिसिन के मरीजों की जांच हो रही है। ओपीडी समेत अन्य विभागों से सैंपल कलेक्शन बंद होने से मरीजों को निजी केंद्र जाना पड़ रहा है। आसपास के जिलों से आने वाले सैंपलों की भी जांच नहीं हो पा रही है।
संस्थान में रोजाना 40-50 मरीजों की हेपेटाइटिस वायरल लोड जांच लिखी जाती है। केजीएमयू नोडल सेंटर होने से अन्य जिलों से भी सैंपल आते हैं। ऐसे में यहां रोजाना 80-90 नमूनों की जांच होती है, जिसके लिए एनएचएम से बजट मिलता है। हालांकि, काफी समय से बजट न मिलने से जांच किट खत्म हो चुकी है। इस कारण डेढ़ महीने से जांच बंद है। ओपीडी में सैंपल कलेक्शन पर रोक लगा दी गई है। विभागों से भी सैंपल न लेने के निर्देश दिए गए हैं। सिर्फ गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग के जरिये परचे पर जांच लिखने पर मरीजों का नमूना लिया जा रहा है। बाकी मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर सैंपल कलेक्शन शुरू कराया जाएगा।