यूपी के अपराधी सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। देश की जेलों में बंद हर चौथा
पोस्टग्रेजुएट सजायाफ्ता यूपी से है।
यही नहीं सबसे ज्यादा स्नातक अपराधी
भी यूपी की जेलों में सजा काट रहे हैं। यह जानकारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स
ब्यूरो की जेलों पर आई 2012 की रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट
के मुताबिक देशभर की जेलों में 1551 पोस्टग्रेजुएट सजायाफ्ता कैदी हैं।
इनमें से सबसे ज्यादा 398 कैदी यूपी की जेलों में बंद हैं। यूपी के बाद
सबसे ज्यादा पोस्टग्रेजुएट कैदी (156) मध्य प्रदेश की जेलों में हैं।
अंडरट्रायल बंदियों (जिनके मुकदमों की सुनवाई कोर्ट में चल रही है) में भी
सबसे ज्यादा 776 पोस्ट ग्रेजुएट बंदी यूपी की जेलों में हैं। स्नातक
सजायाफ्ता अपराधियों की सबसे ज्यादा संख्या (1218) भी यूपी की जेलों में
है।
वहीं, यूपी में अंडरट्रायल स्नातक बंदियों की संख्या 2824 है। देशभर की
जेलों में बंद डिग्री और डिप्लोमा धारी अंडरट्रायल 2045 बंदियों में सबसे
ज्यादा 304 यूपी की जेलों में हैं।
देश की 1394 जेलों में 3.85 लाख कैदी देशभर की जेलों की जितनी क्षमता नहीं है, उससे ज्यादा अपराधी
भरे पड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक देश भर की 1394 जेलों में इनकी संख्या 3
लाख 85 हजार 135 हैं।
जबकि, इसकी कुल क्षमता 3 लाख 43 हजार 169 की है। यानी
क्षमता से 42 हजार ज्यादा। यह खुलासा बृहस्पतिवार को नेशनल क्राइम
रिकॉर्ड्स ब्यूरो की जेलों पर आई 2012 की रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक देश
की जेलों में सजा काट रहे एक लाख 27 हजार 789 कैदियों में सबसे ज्यादा 91
हजार 188 हिंदू धर्म को मानने वाले हैं। इसके बाद 22 हजार 687 सजायाफ्ता
मुस्लिम हैं।
यूपी की जेलों में सबसे ज्यादा 19696 हिंदू और 5365 मुस्लिम
सजायाफ्ता हैं। जातिगत आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा 9673 सजायाफ्ता
ओबीसी हैं।
कुछ अहम तथ्यदेश में जेलों की कुल संख्या - 1394जेलों में बंद कैदियों व बंदियों की संख्या - 3,85,135 (3,68,184 पुरुष, 16951 महिलाएं)सजायाफ्ता कैदी - 127789 (कुल संख्या का 33.2 प्रतिशत)अंडरट्रायल - 254857 (कुल संख्या का 66.2 फीसदी)
और यूपी मेंसबसे ज्यादा 80311 कैदी/बंदी (देशभर का 20.9 प्रतिशत)सबसे ज्यादा सजायाफ्ता - 26250 (देश भर का 20.5 प्रतिशत)हत्या (17.6 प्रतिशत) और बलात्कार (23.2 प्रतिशत) के सबसे ज्यादा सजायाफ्ताहत्या के सबसे ज्यादा अंडरट्रायल बंदी (कुल 54715 का 15.7 प्रतिशत)