प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में फंसे पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन ऐसे पहले राजनेता नहीं हैं जिन पर इस तरह का आरोप लगा हो।
प्रदेश के लगभग सभी राजनीतिक दलों के कई नेता आपराधिक मामलों से लेकर अन्य तरह के आरोपों के घेरे में हैं। किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप है तो किसी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कोई हत्या और डकैती तक के आरोपों से घिरा है तो कोई अवैध संबंधों के आरोप में। किसी के खिलाफ सतर्कता की जांच चल रही है, तो किसी के खिलाफ सीबीआई, ईडी, ईओडब्ल्यू या एसआईबी की जांच।
बसपा के नौ पूर्व मंत्री जांच के घेरे में
पूर्ववर्ती मायावती सरकार के ही कई मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों में गले तक फंसे हैं। राज्य व केंद्र की योजनाओं के बजट को हड़पने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
खनन के पट्टों से लेकर सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर लाखों-करोड़ों का वारा-न्यारा कर चुके ऐसे राजनेताओं में से कई के खिलाफ मौजूदा समय में जांच चल रही है। इनमें पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन का नाम भी शामिल है।
विजिलेंस की जांच
बसपा सरकार के नौ मंत्रियों के खिलाफ विजिलेंस की जांच चल रही है। इनमें पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र, अवध पाल सिंह यादव, बादशाह सिंह, चंद्रदेव राम यादव, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राम अचल राजभर, राकेशधर त्रिपाठी, रामवीर उपाध्याय और बाबूसिंह कुशवाहा के नाम शामिल हैं।
सीबीआई की जांच के घेरे में भी हैं कई
एनआरएचएम घोटाले में आकंठ लिप्त पाए जा रहे पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा के अलावा पूर्व मंत्री अनंत मिश्र भी सीबीआई की जांच के दायरे में हैं। ऐसे ही कुंडा में सीओ जियाउल हक की हत्या के मामले में मौजूदा मंत्री राजा भैया की भूमिका की भी सीबीआई पड़ताल कर रही है।
लैकफेड घोटाले में भी लिप्त रहे कई पूर्व मंत्री
लैकफेड घोटाले में भी बसपा सरकार के कई मंत्रियों के नाम सामने आए। इनमें पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा, चंद्रदेव राम, रंगनाथ मिश्र, बादशाह सिंह आदि शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू ने भी की थी नसीमुद्दीन से पूछताछ
स्मारक घोटाले की जांच शुरुआती दौर में ईओडब्ल्यू को दी गई थी। संगठन ने अपनी जांच के तहत नसीमुद्दीन के खिलाफ कई साक्ष्य पाते हुए उन्हें नोटिस देकर औपचारिक पूछताछ की थी।
...और ये हैं सीखचों के पीछे
पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा एनआरएचएम घोटाले में जेल में हैं। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। ऐसे ही लैकफेड घोटाले में पूर्व मंत्री बादशाह सिंह व चंद्रदेव राम लैकफेड घोटाले में जेल में हैं।
पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी कवयित्री मधुमिता की हत्या के आरोप में पिछले कई वर्षों से जेल में हैं। कई अन्य पूर्व मंत्री विभिन्न आरोपों में जेल जा चुके हैं।
इनमें से कई जमानत पर तो कुछ पैरोल या केस समाप्त होने पर बाहर हैं।