इस दौरान परिवार के लोगों ने यूपी-100 पर शिकायत की, लेकिन रातभर उसका कुछ पता नहीं चला। शुक्रवार की तड़के लोगों को राशिद का शव गांव से कुछ दूरी पर रसूल पनाह पुलिया के पास पड़ा मिला। उसके शरीर पर दर्जनों चोट के निशान थे। लाठियों से वार कर उसकी हत्या की गई थी। यह खबर फैली तो वहां सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए।
काफी खुशमिजाज राशिद की हत्या दुश्मनी में हुई अथवा लुटेरों ने लूट की घटना अंजाम देते वक्त उसके विरोध की वजह से हत्या कर दी, ये दोनों पहलू फिलहाल पुलिस की जांच का आधार हैं। वैसे तो पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर आशंका के चलते दो लोगों को नामजद किया है, लेकिन अब तक की जांच में कुछ और बातें भी सामने आ रही हैं।
सवाल उठ रहा है कि यदि दुश्मनी में हत्या हुई तो उसकी बाइक व मोबाइल आदि गायब क्यों हुआ और यदि लुटेरों की नियत लूट करना था, तो उसकी हत्या क्यों हुई। बहरहाल इन दोनों पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है। चर्चा यह भी है कि इस घटना में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इंस्पेक्टर संजय कुमार का कहना है कि दोनों पहलुओं पर जांच चल रही है।