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लखनऊ में आलीशान अपार्टमेंट बन रहे पूर्वांचल व बिहार के अपराधियों का ठिकाना, यहीं से चला रहे नेटवर्क

Sat, 09 Jan 2021 03:17 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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राजधानी लखनऊ में नवविकसित कॉलोनियां और अपार्टमेंट जिला बदर बदमाशों व शूटरों का सुरक्षित ठिकाने बनते जा रहे हैं। खासकर गोमतीनगर विस्तार, विभूतिखंड, असंल सिटी, जानकीपुरम विस्तार, गुडंबा, वृंदावन योजना में एकाकी रिहाइश और हाईसिक्योरिटी अपराधियों को अपना धंधा चलाने के लिए रास आ रही है।

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अपराधियों की रंजिश व वर्चस्व की लड़ाई में गैंगवार भी हो रहे हैं। पूर्वांचल व बिहार के कई जिला बदर अपराधियों ने इन दिनों लखनऊ में शरण ले रखी है। बुधवार को हुए गैंगवार से पुलिस की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। खासकर नई कॉलोनियों के अपार्टमेंट व विला को लेकर।

गैंगवार में मारे गए मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह भी गोमतीनगर विस्तार के राप्ती अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट पर रहता था। यह फ्लैट एक आईएएस अधिकारी का बताया जा रहा है। ऐसी कॉलोनियां ज्यादातर प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों, कारोबारियों और नेताओं के फ्लैट हैं। ये फ्लैट महंगे किराए पर उठाए जाते हैं। इन फ्लैटों के मालिकों को सिर्फ किराए से मतलब रहता है। उनका केयरटेकर ही किराया वसूलकर उन तक पहुंचाता है। कौन रहता है, किस तरह का है, इसका सत्यापन भी नहीं कराते हैं।

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नई कॉलोनियों में ही लेते हैं शरण

पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, कभी इंदिरानगर से लेकर मुंशीपुलिया तक अपराधियों के ठिकाने हुआ करते थे। इंदिरानगर की कॉलोनियों में रिहायश बढ़ी तो अपराधियों ने सुरक्षित ठिकाना तलाशना शुरू कर दिया। इसी बीच 90 के दशक में गोमतीनगर विकसित हुआ तो अपराधी यहीं से गिरोह चलाने लगे।

इसके बाद विस्तार के  राप्ती, गंगा, सतलज, सरयू, अलकनंदा, सरस्वती, यमुना अपार्टमेंट में बिहार व पूर्वांचल के अपराधियों ने अपनी पहुंच बना ली। वहीं, विभूतिखंड के सबसे महंगे और वीआईपी अपार्टमेंट ओमेक्स व रोहतास प्लूमेरिया में भी अपराधियों की पहुंच है। अंसल सिटी और वृंदावन कॉलोनी में भी अपार्टमेंट और विला में भी अपराधियों के सुरक्षित अड्डे हैं।

पहले प्रॉपर्टी डीलरों को बनाते हैं निशाना फिर सुरक्षा के नाम पर वसूली

पूर्वांचल व बिहार के बदमाश पहले प्रॉपर्टी का काम करने वाले कारोबारी को निशाना बनाते हैं। इसके बाद सुरक्षा देने के नाम पर महीने की रकम बांध लेते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे उनके कारोबार में हिस्सेदार भी बन जाते हैं। इसके अलावा मिट्टी खनन, ठेके के नाम पर अवैध वसूली करते हैं। अगर किसी सफेदपोश से ताल्लुक हो जाएं तो टिकट भी पा जाते हैं।
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इन जगहों पर हो चुकी हैं वारदातें

- पीजीआई के वृंदावन में ठेकेदार सुनील सिंह पर जानलेवा हमला।
- अंसल सिटी में ओमेक्स अपार्टमेंट में डॉक्टर को अगवाकर बंधक बनाने का मामला।
- पीजीआई के वृंदावन कॉलोनी में गोरखपुर के हिस्ट्रीशीटर दुर्गेश यादव की गोली मारकर हत्या।

- ओमेक्स अपार्टमेंट अर्जुनगंज में कोयला कारोबारी को बंधक बनाकर करोड़ों की डकैती।
- गोमतीनगर विस्तार में मुन्ना बजरंगी के करीबी रहे तारिक की गोली मारकर हत्या।
- अलकनंदा अपार्टमेंट में छात्र की चाकू से गोदकर हत्या।
- गंगा अपार्टमेंट में बिहार के बाहुबली के भाई को अवैध असलहों के जखीरे के साथ पकड़ा जाना।
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