उन्हें दूसरा एटीएम कार्ड दे दिया, जिसकी उन्हें भनक तक नहीं लग सकी। बाद में एटीएम में कार्ड लगाकर अपना पिन डालकर चेक करने लगे। मगर, रुपये नहीं निकले। इस बीच युवक भी पीछे खड़ा रहा। उनका पिन भी देख लिया। वह घर गए। दो घंटे बाद उन्हें खाते से रुपये निकलने के संदेश आने पर जानकारी हुई।
पेट्रोल पंप और शराब के ठेके से कैश कराए 18 हजार
विजय शंकर ने बताया कि उन्होंने एटीएम कार्ड को ब्लॉक करा दिया। छह जनवरी को बैंक पहुंचकर स्टेटमेंट निकलवाया। उनके खाते से सात बार में रकम निकाली गई थी। इनमें 15000 रुपये कुबेरपुर स्थित एक पेट्रोल पंप से कैश कराए थे। इस पर वे पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने बताया कि एक युवक आया था।
उसने कहा कि मां की तबीयत खराब है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। उसके पास कैश नहीं है। इसलिए एटीएम को स्वैप करके रुपये देने की कहने लगा। उसने एक बार दस हजार तो दूसरी बार पांच हजार रुपये स्वैप कराकर ले लिए। वहीं जगदीशपुरा स्थित एक शराब के ठेके से भी 3150 रुपये कैश कराए। ऐसे में पेट्रोल पंप और ठेके पर लगे कैमरों में आरोपी के फुटेज आ गए हैं। वहीं अन्य रकम एटीएम से निकाली है।
पीड़ित काट रहे थाने और साइबर सेल के चक्कर
पीड़ित विजय शंकर का कहना है कि वह छह जनवरी को शिकायत लेकर थाना सिकंदरा पहुंचे। वहां से उन्हें साइबर सेल भेज दिया गया। मगर, साइबर सेल से कहा गया कि वह प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर कराकर लाएं। उनकी डिटेल ले ली गई है। इस पर वह थाने पर आ गए।
मगर, प्रार्थना पत्र लेने के बाद पुलिस ने कुछ नहीं किया है। उनके साथ हुई धोखाधड़ी का मुकदमा तक दर्ज नहीं किया है। वह अपनी बेटी की शादी की तैयारी में लगे थे। इस कारण रुपयों की जरूरत थी। ठेके और पेट्रोल पंप से भी जानकारी नहीं ली गई है। उधर, थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि जांच की जा रही है।
अनजान व्यक्ति के झांसे में नहीं आएं
साइबर सेल के एक्सपर्ट विजय तोमर के मुताबिक, एटीएम में रुपये निकालने जाएं तो अनजान व्यक्ति के झांसे में नहीं आएं। एटीएम कार्ड के प्रयोग करने के बारे में बताने वाले से सावधान हो जाएं। उनकी मदद नहीं लें।
अगर, कोई मदद की बात करता है तो उस एटीएम से रुपये नहीं निकालने चाहिए। एटीएम कार्ड मशीन में लगाने से पहले यह देख लें कि पीछे कोई व्यक्ति आपका पिन तो नहीं देख रहा है। इसके साथ ही पिन डालते समय की पर अपना हाथ रख लें, जिससे पिन को कोई देख नहीं सके।