अवैध संबंधों के मकड़जाल में एक युवती की हत्या कर दी गई और हत्यारों ने शव कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन पर फेंक दिया।
मामले का खुलासा करते हुए जीआरपी ने आरोपी प्रेमी शिवपूजन और उसके दो साथी सुरेश यादव और हरिलाल को बांदा से गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि युवती के तीनों से संबंध थे और पोल खोलने की धमकी देने पर उन्होंने उसे मार डाला। आरोपियों के पास से युवती का मंगलसूत्र, कमरबंद, पायल, चार मोबाइल और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार लड़की के पिता भगवानदीन ने बांदा में गुमशुदगी की तहरीर दी थी, जिसके चलते मुकदमा बांदा भेजा जाएगा।
बांदा में हुई थी शादी
कानपुर के सेंट्रल स्टेशन स्थित जीआरपी थाने में जीआरपी सीओ शेषनाथ सिंह ने बताया कि लड़की ममता बांदा की रहने वाली थी।
उसकी शादी बांदा में हुई थी और पति गुजरात में नौकरी करता है। ममता की दोस्ती बांदा के शिवपूजन (25) से हो गई और दोनों में संबंध भी हो गए थे।
22 जनवरी को ममता को लेकर शिवजूपन कानपुर भाग आया था और नौबस्ता में किराए पर रहने लगा। इसी बीच लड़की का तथाकथित मामा सुरेश यादव (32) और हरिलाल (25) भी बांदा से नौबस्ता आ गए और शिवपूजन के साथ रहने लगे।
इस बीच ममता को जानकारी हुई कि शिवपूजन बेरोजगार है और उसके पास कुछ भी नहीं है तो झगड़े शुरू हो गए। 26 जनवरी को बांदा जाने की बात पर शिवपूजन और ममता में मारपीट हुई। मामता ने तीनों की शिकायत पुलिस में करने की धमकी दी।
ऐसे रची गई कत्ल की साजिश
धमकी के बाद से ही शिवपूजन, सुरेश और हरिलाल ने ममता के कत्ल की साजिश शुरू की। 28 जनवरी शाम 6 बजे बांदा जाने की बात कह कर तीनों ममता के साथ ऑटो में गोविंदपुरी स्टेशन पहुंचे।
रात करीब 10 बजे शिवपूजन, सुरेश ने मिलकर ममता की गला दबाकर हत्या कर दी थी, जबकि हरिलाल मौके से दूर खड़ा रहा।
इसके बाद तीनों फरार हो गए। जीआरपी सीओ ने बताया कि मामले के खुलासे में जीआरपी प्रभारी त्रिपुरारी पांडेय, एसआई जितेंद्र सिंह, सर्विलांस प्रभारी आरके सिंह समेत कांस्टेबल शामिल हैं।
सभी को जीआरपी एसपी की ओर से दस हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है।
लाठी-डंडे से बेरहमी से पीटा
गोविंदपुरी स्टेशन पर रेलवे ट्रैक के पास मिली महिला को मौत के घाट उतारने से पहले लाठी-डंडों से बेहरमी से पीटा गया था।
इसके बाद उसका गला घोंटा गया था। इसका खुलासा शनिवार को महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। महिला की पीठ, कंधा, चेहरे और सिर पर लाठी-डंडे से चोटों के नौ निशान मिले पर मौत का कारण गला घोटना है।
उसकी स्लाइड भी बनाई गई है। महिला की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर में विवेचना के दौरान आरोपी शिवपूजन के खिलाफ कई और धाराओं का इजाफा होगा।
जीआरपी प्रभारी त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि हत्या के बाद शिव पूजन ने फर्जी आईडी पर सिम लेकर उसका इस्तेमाल किया है। विवेचना में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने और इस्तेमाल करने की धारा भी लगाई जाएगी।
हाथ में लिख रखा था एक फोन नंबर
जीआरपी प्रभारी त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि लड़की ने अपने हाथ में होटल संचालक अजय गुप्ता के पुत्र शिवम का नंबर लिख रखा था।
शिवपूजन पहले अजय के होटल में ही काम करता था। यह नंबर अजय गुप्ता ने ही ममता को दिया था। इसी आधार पर शिवपूजन का नंबर मिला।
जिसे सर्विलांस पर लेने के बाद आरोपियों का पता चलता गया। सबसे पहले शिवपूजन को दुकानदार बनकर ट्रेस किया और फिर हरिलाल और सुरेश को दबोचा गया।
जांच में बात सामने आई है कि ममता के न सिर्फ शिवपूजन से अवैध संबंध थे, बल्कि तथाकथित मामा सुरेश यादव और हरिलाल से भी थे।