आईजी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह इललीगल मनी फ्लो का रैकेट लग रहा था, लेकिन तफ्तीश की गई तो इसके तार सीधे टेरर फाइनेंसिंग गिरोह से जा मिले। उन्होंने बताया कि अभी तक सिर्फ एक सिरा ही पकड़ में आता था, यह नहीं पता चल पाता था कि पैसे कहां से, किसने और क्यों डाले, लेकिन इस ताजे मामले में पूरी चेन पकड़ी गई है। पता चला है कि कहां से पैसा आ रहा है और कहां जा रहा है।
इस मामले में 50 से अधिक बैंक खातों के इस्तेमाल का पता चला है, जिनके जरिये एक करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है। आगे की तफ्तीश जारी है। काफी कुछ चीजें अभी और सामने आएंगी।
असीम अरुण ने बताया कि जिनकी गिरफ्तारी हुई है उसमें से कुछ ने कुबूल किया है कि उन्हें पता था कि राष्ट्रदोही गतिविधियों में शामिल हैं, जबकि कुछ ने बताया है कि उन्हें लॉटरी का पैसा खातों में आने की बात कह कर इस ग्रुप से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि इस तरह की कार्रवाई एक वर्ष पूर्व भी की गई थी जिसमें रीवा व बलरामपुर (यूपी) से गिरफ्तारियां हुई थीं।
यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने एटीएस की इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी द्वारा एसटीए की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह खुलासा एटीएस की विकसित हुई क्षमताओं का परिणाम है। उन्होंने इस तरह के नेटवर्क को आतंकवाद का इंफ्रास्ट्रक्चर बताते हुए नष्ट करने की बात कही।