पकड़े गए आरोपियों की पहचान ओम प्रकाश पुत्र गुरुदेव सिंह और जूही शर्मा दोनों निवासी खसरा नंबर 116/9 छत्रपुर थाना महरौली नई दिल्ली हाल निवासी किरायेदार टर्नर रोड थाना क्लेमेंटटाउन, भानू प्रकाश पांडेय पुत्र राघवेंद्र पांडेय निवासी डी-878 स्ट्रीट नंबर-13 शाहदरा थाना ज्योतिनगर दिल्ली हाल निवासी टर्नर रोड थाना क्लेमेंटटाउन और रितेश जयसवाल पुत्र गुलशन जयसवाल निवासी-161 हीवो अपार्टमेंट सेक्टर-31 गुड़गांव हरियाणा के रूप में हुई है। उनके कब्जे से छुड़ाई गई दिल्ली निवासी दो युवतियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
व्हॉटसएप और वेबसाइट से संचालित होता था धंधा
थानाध्यक्ष नरेश कुमार राठौर के अनुसार सेक्स रैकेट का मास्टरमाइंड ओम प्रकाश था। पहले ओम प्रकाश ड्राइवर का काम करता था। इस दौरान उसकी मुलाकात जूही शर्मा से हुई। जूही पूर्व से देह व्यापार में लिप्त थी। इसके बाद दोनों शादी कर ली। इसके बाद ओम प्रकाश और जूही ने मजबूर लड़कियों से पैसों का लालच देकर जबरदस्ती देह व्यापार कराना शुरू कर दिया।
इसके लिए टर्नर रोड क्लेमेंटटाउन स्थित एक घर किराए पर लिया था। जहां से पूरा रैकेट संचालित होता था। ओम प्रकाश ने ऑनलाइन स्कॉट सर्विस उपलब्ध कराने वाली एक साइट पर अपना मोबाइल नंबर अपलोड किया हुआ था। जिसके माध्यम से ग्राहक तलाशे जाते थे। ग्राहक मिलने के बाद व्हाट्सएप पर युवतियों के फोटो भेजे जाते थे। बात तय होने पर भानुप्रकाश और रितेश युवतियों को कार से ग्राहकों के पास ले जाते थे।