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बीटेक के बाद भी नहीं मिली नौकरी, तो दे दी जान

Mon, 13 Jan 2014 09:45 AM IST
अनिल त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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हाईस्कूल से लेकर बीटेक तक फर्स्ट डिवीजन में पास करने वाला वीरेंद्र नौकरी न मिलने से ऐसा टूटा कि मौत को गले लगा लिया।
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कृष्णानगर के आशुतोष नगर इलाके में रहने वाले युवा ने रविवार को फांस लगाकर जान दे दी। शाम को बहन घर पहुंची तो उसे फंदे से लटका देख सुधबुध खो बैठी। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

आशुतोष नगर निवासी वीरेंद्र कुमार वर्मा (25) ने वर्ष 2012 इलाहाबाद स्थित एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक पूरा किया।

इसके बाद से लगातार नौकरी के लिए अप्लाई करने के बावजूद सफलता न मिलने से हताश रहने लगा था। परिवार के अनुसार करीब एक वर्ष पहले मां के देहांत के बाद वीरेंद्र पूरी तरह से टूट गया।
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दोपहर 1 बजे के करीब वीरेंद्र ने बहन पूजा को सहेली के घर भेज दिया। इसके बाद अपने कमरे में पंखे से तार के सहारे फंदे पर लटक गया। शाम करीब 4 बजे पूजा लौटी।

आवाज लगाने पर कमरे से जवाब न मिलने पर दरवाजे को धक्का दिया। अंदर पैर रखते ही भाई को फंदे पर लटकता देख चीख निकल गई। शोर मचाते हुए आसपास के लोगों को बुलाया।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारा। पिता मुन्नूलाल ने बताया कि मां का देहांत होने के बाद से वीरेंद्र चुप रहने लगा था। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र ने हाईस्कूल, इंटर के साथ ही बीटेक में प्रथम श्रेणी अंक हासिल किए थे।

घर का बुझ गया चिराग 
फोन पर बेटे की मौत की खबर मिलते ही मुन्नू लाल बेसुध हो गए। किसी तरह घर पहुंचे पिता शव से लिपटकर रोते रहे। बहन पूजा की तो जैसे आंखें ही पथरा गईं।

उसने बताया कि मां की मौत का भाई को गहरा आघात लगा था। हमेशा वह खुद को कोसता रहता था। पापा ने कई बार समझाया,इसके बावजूद वह गुमसुम ही रहता था।
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