लखनऊ के महानगर थानाक्षेत्र में दो दिन पहले जुआ पकड़ा गया था। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पड़ताल में सामने आया कि जुए का अड्डा गोंडा में तैनात सिपाही चला रहा था। उसे सोना लूटकांड के मामले में बर्खास्त किया गया था। बहाली के बाद गोंडा में तैनाती मिली थी। कुछ समय पहले ही उसे एक मामले में निलंबित कर दिया गया था। एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक सिपाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए गोंडा पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है।
महानगर इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन पहले रात में सिपाही सुशील पचौरी के घर पर जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने वहां छापा मारकर आठ लोगों को पकड़ा था। इनके पास एक लाख आठ हजार रुपये बरामद हुए थे। उस समय पुलिस अधिकारियों को यही पता था कि सुशील बर्खास्त चल रहा है।
एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने बताया कि सुशील पहले भी जुआ खिलवाने के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसके बारे में पड़ताल हुई तो पता चला कि वह बहाल हो गया था और गोंडा में उसकी तैनाती थी। कुछ समय पहले ही वह वहां भी निलंबित कर दिया गया था। उसके बारे में कई और जानकारियां मिली है। इस बारे में पड़ताल करायी जा रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि सुशील पचौरी के साथ ही लाल मोहन, कृष्ण गोपाल राय, बृजेश सिंह, आशीष जोशी, अंकुर अग्रवाल, अजहर रसीद सिद्दकी और विवेक बाजपेयी पकड़े गये थे। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।