यूपी की राजधानी लखनऊ की पुलिस का इकबाल मंगलवार रात एक बदमाश के आगे तार-तार हो गया। ऐशबाग में बाइक सवार मां-बेटे को टक्कर मारने वाले कार सवार को गुंडा एक्ट में निरुद्ध हो चुके एक बदमाश ने मौके से भगा दिया। पुलिस जब इस बदमाश को पकड़कर चौकी लाई तो उसके समर्थकों ने चौकी में घुसकर जमकर बवाल किया।
समर्थकों ने चौकी इंचार्ज को घेरकर पीटा और उसकी वर्दी फाड़ दी। सिपाहियों ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उनसे भी धक्का-मुक्की की। इसके बाद समर्थक इमरान को बाइक समेत छुड़ा ले गए। घायल चौकी इंचार्ज ने अस्पताल में इलाज कराया।
घटना रात करीब साढ़े बारह बजे बाजारखाला थाना क्षेत्र की है। ऐशबाग पुल पर एक बाइक और कार में आमने-सामने टक्कर हो गई। बाइक पर नगड़िया ठाकुरगंज निवासी रामकृष्ण वर्मा और उनकी मां मुन्नी देवी थीं। मां-बेटे किसी रिश्तेदार को रेलवे स्टेशन से छोड़कर घर लौट रहे थे। दोनों सड़क पर गिर पड़े। चीख-पुकार सुनकर पास ही स्थित ऐशबाग चौकी के प्रभारी विनोद कुमार वहां आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दरोगा मां-बेटे को उठाने लगे और वहां मौजूद लोगों से स्विफ्ट कार (यूपी 32 ईएक्स 4184) के चालक को रोकने को कहा। इसी बीच वहां मौजूद एक बाइक सवार इमरान ने कार चालक से कुछ बातचीत की और उसे वहां से भगा दिया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि इमरान से कार चालक के बारे में पूछताछ की तो उसने जानकारी से इन्कार कर दिया। इस पर इमरान को चौकी ले आया गया।
20-25 लड़कों ने किया हंगामा
इमरान के चौकी लाने की खबर इलाके में फैल गई। कुछ देर में इमरान का भाई गुड्डू 20-25 लड़कों को लेकर चौकी पहुंचा और हंगामा शुरू कर दिया। विनोद कुमार के विरोध करने पर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। लात-घूसों से उसे जमकर पीटा और वर्दी फाड़ दी। उस वक्त चौकी में संतोष चौहान, बलबीर सिंह यादव और मो. रज्जन मौजूद थे।
हमलावरों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की। करीब आधा घंटे तक हंगामा करने के बाद समर्थक इमरान को बाइक समेत चौकी से छुड़ाकर भाग गए। चौकी इंचार्ज ने आला अफसरों को मामले की जानकारी दी जिसके बाद उसका मेडिकल कराया गया।
प्रॉपर्टी डीलर है आरोपी, हो चुकी गुंडा एक्ट की कार्रवाई
इमरान प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है और बाजारखाला पुलिस उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इमरान के खिलाफ बाजारखाला में धोखाधड़ी और मारपीट के छह-सात मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसे कई बार पकड़ चुकी है।
इलाकाई लोगों का कहना है कि मंगलवार रात जब पुलिस ने कार चालक को भगाने के आरोप में इमरान को पकड़ा तो पुरानी खुन्नस में उसने फर्जी कहानी गढ़कर पुलिस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।
दरोगा को पीटा और रिपोर्ट लिखाने को तहरीर भी दी
इमरान और उसके साथ आए बदमाशों ने चौकी इंचार्ज को चौकी में घुसकर पीटा और उल्टे एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दे दी। इमरान ने तहरीर में लिखा कि हादसे में घायल महिला व लड़के को उठाने पर दरोगा भड़क गए और उससे मारपीट शुरू कर दी। बाद में इंस्पेक्टर से शिकायत करने पर पुलिस ने उन्हें छोड़ा।
हालांकि, इमरान की तहरीर पर चौकी इंचार्ज के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। वहीं पुलिस सूत्रों ने बताया कि चौकी इंचार्ज ने इमरान, गुड्डू और उसके साथियों के खिलाफ तहरीर भी दी लेकिन इंस्पेक्टर ने मामला रफा-दफा करा दिया।
उधर, बाइक सवार रामकृष्ण वर्मा की तरफ से अज्ञात कार चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पुलिस का कहना है कि कार बुलाकी अड्डे के किसी डॉक्टर की है। डॉक्टर और इमरान एक-दूसरे के परिचित हैं इसलिए उसे मौके से भगा दिया गया।