लखनऊ के ठाकुरगंज के हुसैनाबाद स्थित अपार्टमेंट में रहने वाले इंटीरियर डेकोरेटर सज्जाद रिजवी उर्फ मुन्ना के यहां काम करने वाली 15 वर्षीय किशोरी की सोमवार देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
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उसका शव सज्जाद के बेडरूम में दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका पाया गया। फ्लैट के दरवाजे खुले हुए थे। सज्जाद परिवार सहित एक परिचित की शादी समारोह में गया था। मृतक किशोरी के चाचा ने सज्जाद पर मारपीट, शोषण और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
इंस्पेक्टर राघवन सिंह का कहना है कि मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है। किशोरी की मौत कैसे हुई, इसकी जांच की जा रही है। वहीं, मंगलवार शाम परिवारीजनों ने हुसैनाबाद चौराहा पर शव रखकर सड़क जाम कर दी। करीब तीन घंटे तक यातायात व्यवस्था पटरी से उतरी रही।
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एसएसपी मंजिल सैनी सहित कई थानों की फोर्स और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। परिवारीजनों का कहना है कि गिरफ्तारी न होने तक शव को दफनाया नहीं जाएगा।
रेप व पॉक्सो एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज करने की मांग
देर रात गुस्साए परिवारीजन दोबारा हुसैनगंज चौराहे पर जमा हो गए और प्रदर्शन किया। घरवालों ने पुलिस पर मामूली धाराओं में केस दर्ज करने का अरोप लगाते हुए रेप और पॉक्सो एक्ट की धारा में भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतक किशोरी मूलरूप से सीतापुर के रेउसा गांव की थी और तीन साल से सज्जाद के घर पर रहकर घरेलू कामकाज करती थी। सज्जाद के परिवार में पत्नी निशा के अलावा दो बेटे और माता-पिता रहते हैं।
माता-पिता कुछ दिन पहले सुल्तानपुर में रिश्तेदार के घर पर गए थे। सोमवार रात करीब आठ बजे सज्जाद परिवार सहित इलाके में ही एक परिचित के शादी समारोह में गया था। रात लगभग साढ़े दस बजे वह घर लौटा तो डोरबेल बजाई।
कई बार डोरबेल बजाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दरवाजे को धक्का दिया। कुंडी ना लगी होने के चलते दरवाजा एक झटके में खुल गया। सज्जाद और परिवारीजन भीतर गए और किशोरी को पुकारा। वह नहीं आई तो ढूंढते हुए बेडरूम में झांका, जहां का नजारा देखते ही सबके होश उड़ गए।
पलंग पर रखी थी एक कुर्सी, जिसके सहारे पंखे पर लटकी
- फोटो : amar ujala
शव पंखे से लटका हुआ था। सज्जाद का कहना था कि पलंग पर एक कुर्सी रखी थी, जिसके सहारे किशोरी ने दुपट्टा गले में बांधकर खुद को पंखे से लटका लिया। उसके परिवारीजनों को जब पता चला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर आए परिवारीजनों ने सज्जाद पर शोषण का आरोप लगाया है। हुसैनाबाद चौकी इंचार्ज अतुल श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। फ्लैट का दरवाजा खुला होने से पुलिस पूरे मामले को संदिग्ध मान रही है।
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है। इंस्पेक्टर का कहना है कि किशोरी के शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल ने किया है, जिसमें रेप अथवा दुष्कर्म के संकेत नही मिले हैं। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई है।
दीवार पर क्या लिखा किशोरी ने, जिसे खुरचकर मिटाया गया
परिवारीजनों का कहना है कि जिस बेडरूम में किशोरी का शव लटका पाया गया था, वहां की दीवार पर खुरचने के निशान थे। यह निशान ताजा लग रहे थे।
परिवारीजनों ने आशंका जताई कि किशोरी ने मरने से पहले अपने दिल की बात बेडरूम की दीवार पर लिख दी होगी। उसने कुछ ऐसा लिखा होगा, जिससे सज्जाद मुसीबत में फंस सकता था। यही वजह है कि दीवार पर लिखे शब्दों को खुरचकर मिटा दिया गया।
घटनास्थल पहुंचे मीडियाकर्मियों को बेडरूम तो दूर फ्लैट के भीतर ही घुसने नहीं दिया गया। इससे पूरा मामला संदिग्ध हो गया है। हालांकि, पुलिस ने दीवार पर खुरचने के निशान की बात से इन्कार किया है।
अनाथ पोती को पाल रही थी दादी
मृतका का एक छोटा भाई है। उसके पिता का 12 साल पहले बीमारी के चलते इंतकाल हो चुका है। कुछ साल पहले मां भी बच्चों को उनके हाल पर छोड़कर चली गई। अनाथ बच्चों को दादी अपने साथ ले आईं।
दादी भी घरों में चौका-बर्तन कर परिवार चला रही थीं। दो सदस्यों के बढ़ने के बाद और भी दिक्कतें आने लगीं। यही वजह थी कि तीन साल पहले उन्होंने पोती को इंटीरियर डेकोरेटर सज्जाद के घर पर एक हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी के लिए भेज दिया।
किशोरी की बुआ ने बताया कि भतीजी की मौत की सूचना मिलते ही रात को सभी लोग सज्जाद के फ्लैट पर पहुंच गए थे। शव मॉर्च्युरी भेजा गया तो परिवारीजन साथ-साथ गए।
मॉर्च्युरी में ही एक कार में सवार तीन लोग उसके पास आए और 20 हजार रुपये देकर मामला रफा-दफा करने को कहा। रुपये रुपये लेने से इन्कार करने पर कार सवार सोच-विचार करने की बात कहकर चले गए।
मंगलवार सुबह भी बाइक से दो अज्ञात आदमी घर आ धमके और रुपये देने की कोशिश की। विरोध किया तो अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए चले गए।