ड्राइवर की झपकी ने राजधानी के इंदिरानगर के एक परिवार के तीन लोगों समेत 7 जानें ले लीं।
सभी नेपालगंज से मां बागेश्वरी देवी के दर्शन कर स्कॉर्पियो से बहराइच जा रहे थे।
रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे मल्हीपुर-बहराइच मार्ग पर उलटहवा पुल पर झपकी के कारण ड्राइवर गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका और स्कॉर्पियो पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नाले में जा गिरी।
इस दर्दनाक हादसे में बहराइच में डीआरडीए में तैनात लेखा लिपिक लखनऊ के संजीव कुमार श्रीवास्तव (50), उनकी पत्नी सुमन (45), बेटी श्रेया (18) की मौत हो गई।
संजीव का बेटा 20 वर्षीय सुयश हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके चेहरे पर चोटें आई हैं।
संजीव रविवार को परिवार के साथ नेपालगंज में मां बागेश्वरी के दर्शन करने गए थे।
उनके साथ रुपईडीहा के दौलतपुर निवासी मित्र मनीष वर्मा (35), उनके बहनोई धनावपुर निवासी दिलीप वर्मा (30), सहयोगी बघमरवा निवासी ननकू (40) भी थे।
नेपालगंज जाने के लिए मनीष ने केवलपुर निवासी देवीदयाल वर्मा की स्कार्पियो ली थी। नेपालगंज में बागेश्वरी मंदिर में पूजा करने के बाद 25 किलोमीटर दूर पर्यटन स्थल करनाली घूमने गए।
इसके बाद देर शाम रुपईडीहा लौटे। दौलतपुर में मनीष के घर सभी ने भोजन किया और रात 10:30 बजे के आसपास बहराइच के लिए निकले।
करीब एक घंटे बाद स्कार्पियो कार का ड्राइवर नूर मोहम्मद (38) नियंत्रण खो बैठा और कार उलटहवा पुल की रेलिंग तोड़ती हुई नाले में जा गिरी।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने स्कार्पियो कार से सुयश को गाड़ी से बाहर निकाला, जबकि अन्य लोग दम तोड़ चुके थे।
घायल सुयश ने सुनाई हादसे की कहानी
सुयश को जब गाड़ी से बाहर निकाला गया तो वह बेहोशी की हालत में था। उसे बहराइच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उसके चेहरे पर चोटें आई हैं। होश में आने के बाद सुयश ने पूरा घटनाक्रम बताया।
उसने बताया कि ड्राइवर को झपकी आ रही थी, इसी बीच यह हादसा हो गया। जब उसे माता-पिता और बहन की मौत की खबर सुनते ही वह बदहवास हो गया।