नाका पुलिस ने बृहस्पतिवार रात चारबाग की संस्कार लॉज में चल रहे जिस्मफरोशी के अड्डे का खुलासा करते हुए दो युवतियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
पकड़ी गई युवतियों में एक कानपुर के बर्रा, जबकि दूसरी बंथरा की रहने वाली है।
तारा नाम की महिला कई महीने से इन युवतियों से जिस्मफरोशी करा रही थी। पुलिस तारा की तलाश कर रही है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ देह व्यापार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
आपत्तिजनक स्थिति में मिले लड़के-लड़कियां
नाका इंस्पेक्टर विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रात करीब सवा दस बजे संस्कार लॉज में छापा मारा था। किचन से सटे कमरे से दो युवतियों और युवकों को आपत्तिजनक अवस्था में दबोचा गया।
पूछताछ में पता चला कि जिस्मफरोशी का धंधा लॉज का मालिक सोनू उन्नाव निवासी वेटर वसीम व एक अन्य कर्मचारी आलोक के माध्यम से कराता था।
पुलिस का छापा पड़ते ही आलोक मौके से भाग निकला। इंस्पेक्टर ने बताया कि बृहस्पतिवार को आलमबाग के भिलावा निवासी राहुल रावत के लिए युवतियां लाई गई थीं।
पकड़ी गई युवतियों ने बताया कि तारा नाम की महिला बीते दो महीने से जिस्मफरोशी करा रही थी।
युवतियों का कहना है कि तारा के पास कई और लड़कियां भी हैं। तारा और आलोक की तलाश में पुलिस की टीमें भेज दी गई हैं।
चार साल से लॉज में चल रहा है सेक्स रैकेट
संस्कार लॉज में बीते करीब चार साल से सेक्स रैकेट चल रहा है। पुलिस ने कई बार छापा भी मारा लेकिन इससे पहले किसी को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी।
चारबाग के लोगों का कहना है कि लॉज में वर्ष 2010 से लगातार सेक्स रैकेट की शिकायतें की जा रही हैं।
हालांकि, रैकेट का नेटवर्क इतना मजबूत है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही खबर लीक हो जाती है।