यूपी की कानून व्यवस्था पर सरकार दावे चाहे जितने कर ले, हकीकत यही है कि चढ़ती गर्मी के साथ जघन्य अपराधों का ग्राफ भी चढ़ रहा है। दबंग हैवानियत का नंगा नाच कर रहे हैं। बीते 24 घंटे में बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को तार-तार किया।
पहली घटना महराजगंज के नौतनवां थाना क्षेत्र की है। यहां एक किशोरी से दुष्कर्म कर उसे जिंदा जलाने की कोशिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
दुष्कर्म की शिकार हुई विधवा की बेटी जो बृहस्पतिवार दोपहर घर के बाहर मौजूद गुमटी पर बैठी थी। पति के गुजर जाने के बाद घर का खर्च उठाने के लिए विधवा इसी गुमटी से रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों की बिक्री करती है।
महराजगंज में फिर हुई हैवानियत
बीमार होने के कारण वह बेटी को गुमटीनुमा दुकान पर बैठाकर दवा लेने गोरखपुर चली गई। दोपहर में विधवा का छोटा बेटा घर के बाहर खेलने चला गया। इसी बीच गांव में ही रहने वाला युवक सामान की खरीदने वहां पहुंचा और किशोरी को अकेला देख उसी के घर के भीतर खींचकर दुष्कर्म किया।
किशोरी का कहना है कि युवक को पहचान लेने और नाम लेकर शोर मचाने की कोशिश शुरू की उसने घर में मौजूद मिट्टी के तेल की बोतल उड़ेलकर आग लगाने की कोशिश की। आग लगाने के लिए आरोपी माचिस तलाश रहा था कि उसी बीच किशोरी चीखते हुए बाहर की ओर भागी, जिससे आसपास के लोगों का ध्यान उधर गया।
लोगों को जुटता देख आरोपी फरार हो गया। गांव वालों की सूचना पर प्रभारी एसओ आरपी सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मिट्टी के तेल में भीगी मिली किशोरी के बयान लिए।
सपा मुखिया मुलायम के क्षेत्र में फिर बलात्कार
नाबालिग से दुष्कर्म और फिर उसे जिंदा जलाने की कोशिश का वाकया पता चलने पर देर शाम सीओ नौतनवां पंकज सिंह और एसडीएम जितेंद्र कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे। किशोरी के बयान और नामजद तहरीर के बाद पुलिस ने आरोपी मजहर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी युवक के दादा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है, जबकि आरोपी का पिता सऊदी अरब में काम करता है।
दूसरी घटना मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ की है बरदह थानाक्षेत्र के एक गांव में बुधवार की शाम बिस्किट खिलाने के बहाने एक युवक ने पड़ोस की एक दलित बालिका से दुराचार किया।
मामले की प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हुई
बालिका की चीख सुनकर लोग पहुंचे तो आरोपी फरार हो गया। खून से लथपथ बालिका अचेत हो गई। परिवार के लोगों ने उसका उपचार निजी डाक्टर से कराने के बाद थाने में तहरीर दी। हालांकि प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी।
पीड़ित बालिका (8) के पिता बाहर रहते हैं। परिवार वालों के अनुसार बुधवार की शाम बालिका दरवाजे के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस के युवक ने उसे दो रुपये दिए और बिस्किट खिलाने के बहाने घर से थोड़ी दूर स्थित गन्ने के खेत में ले गया।
वहां उसके साथ दुराचार किया। बालिका की आवाज सुनकर बस्ती के लोग उस तरफ दौड़े । तब तक युवक फरार हो गया। बालिका अचेत हो गई थी। पीड़ित के घरवाले आरोपी युवक के घर पहुंचे और उनसे नोकझोंक हुई तो उन लोगों ने आरोपी युवक से पल्ला झाड़ लिया।
फीरोजाबाद में पांच वर्षीय बालिका से दुष्कर्म
तीसरी घटना फीरोजाबाद की है। यहां फरिहा थाना क्षेत्र में पांच साल की मासूम बालिका के साथ पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म किया और घटना के बाद आरोपी युवक अपने परिवार सहित फरार हो गया।
पड़ोसी की दरिंदगी का शिकार हुई बालिका बुधवार की शाम करीब छह बजे गांव के ही अन्य बच्चों के साथ अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी पड़ोस में रहने वाला धर्मेंद्र वहां पहुंचा और बालिका को फुसला कर अपने घर ले गया।
काफी देर तक बालिका घर नहीं पहुंची तो परिवारीजनों ने उसकी तलाश की। रात करीब नौ बजे बालिका गंभीर हालत में घर पहुंची और उसने घटना की जानकारी परिवार के लोगों को दी। इसके बाद रात करीब दस बजे लोग बालिका को लेकर थाना फरिहा पहुंचे। पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है।
बड़ौत में विवाहिता को नशीला पदार्थ सुंघाकर रेप
चौथी घटना बागपत के बड़ौत की है। यहां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक विवाहिता के साथ घर में घुसकर एक युवक ने नशीला पदार्थ सुंघाकर बलात्कार किया और उसे बेहोश हालत में छोड़कर भाग निकला। आठ दिन पहले हुई इस घटना को दबाने के लिए दबंग लोगों ने उन्हें कोतवाली तक नहीं जाने दिया।
बृहस्पतिवार को किसी तरह दंपति कोतवाली पहुंचा और तहरीर दी। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के युवक की पत्नी 29 मई को घर पर अकेली थी। उनके माता-पिता भी मजदूरी पर गए हुए थे।
तभी गांव का एक दबंग युवक उनके घर में जा घुसा और उसकी पत्नी को नशीला पदार्थ सुंघाकर बलात्कार किया। जब उसके परिवार की महिलाएं उधर आई तो वह युवक उन्हें भी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला।
दबंगों ने पीड़ित परिवार को बंधक भी बनाया
इस घटना के बाद दबंगों ने पीड़ित परिवार के लोगों को पुलिस कार्रवाई से रोके रखा और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया। किसी तरह बृहस्पतिवार की शाम यह पीड़ित परिवार कोतवाली पहुंचा और उसने आरोपी युवक के खिलाफ तहरीर दी।
इसकी सूचना पर दबंग लोग भी वहां आ पहुंचे और वहां भी उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तहरीर लेकर इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन मामला जांच के बाद ही दर्ज कर महिला को मेडिकल के लिए भेजा जाएगा।
इस संबंध में जब कोतवाल राजेश वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है। यदि मामला सही पाया जाता है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
चंदौली में विकलांग युवती के साथ गैंगरेप
पांचवीं घटना चंदौली की है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में किराए के मकान में रहने वाली विकलांग युवती को बंधक बनाकर छह लोगों ने दुष्कर्म किया। युवती के आटो चालक पति ने गुरुवार की सुबह कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
आटो चालक की विकलांग पत्नी और दो बच्चे मंगलवार को गायब हो गए। आटो चालक शाम को घर पहुंचा तो पत्नी और बच्चों को गायब देख परेशान हो गया और खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। आटो चालक बुधवार को दस बजे कोतवाली पहुंचा और पत्नी एवं बच्चों के गायब होने की सूचना दी।
इसके बाद उसकी पत्नी गुरुवार को बच्चों संग घर पहुंची और पति से आपबीती सुनाई। पीड़ित युवती के अनुसार छह लोग मंगलवार को मकान पर आए और पति की दुर्घटना होने की जानकारी दी।
पूरब से लेकर पश्चिम तक घटनाओं का तांता
सभी उसे और उसके दोनों बच्चों को आटो में बैठाकर वाराणसी स्थित नक्खी घाट ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया। बुधवार की रात युवती को बच्चों के साथ किसी जंगल में ले गए। वहां दोनों बच्चों के मुंह और हाथ-पैर कपड़े से बांध दिया।
इसके बाद सभी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया और धमकी देते हुए वहीं छोड़कर चले गए। पूरी रात वह दर्द से कराहती रही और गुरुवार की सुबह किसी तरह घर पहुंची। गांव वालों का कहना है कि पुलिस इस मामले में पीड़ित युवती का मेडिकल मुआयना कराने की बजाय दंपती पर तरह-तरह का दबाव बना रही है।
यानी कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल है। उत्तरसे लेकर पूरब और पश्चिम तक घटनाओं का तांता लगा हुआ है। ऐसा कोई सप्ताह नहीं बीतता जब किसी की इज्जत-आबरू लूटी न जाती हो। कई मामलों में पुलिस तक इसमें शामिल पाई जाती है।