हिस्ट्रीशीटर आशीष मिश्रा और कंप्यूटर छात्र रोहित शुक्ला की हत्या के पीछे अंडरवर्ल्ड और खाकी के गठजोड़ की चर्चाएं सामने आ रही हैं। आशीष के विशालखंड में छिपकर रहने की जानकारी सिर्फ परिवार के एकाध लोगों को ही थी।
इसलिए चर्चा यह भी है कि उसे निपटाने के लिए पुलिस के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। माना जा रहा है कि पुलिस के जरिए आशीष की लोकेशन ट्रेस कराने के बाद हत्यारों ने वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस आशीष के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में मिले नंबरों की डिटेल और लोकेशन ट्रेस कर रही है।
इलाहाबाद के अंडरवर्ल्ड में धमक के बाद आशीष के कई दुश्मन हो गए थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि छोटा राजन के काम में अड़ंगा डालने के बाद उसे अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिल रही थीं। यही वजह थी कि लखनऊ आ गया और ठिकाना बदल-बदलकर रहा।
बीते पांच महीने से विशालखंड के जिस मकान में रह रहा था उसके बारे में पिता के अलावा परिवार के एकाध सदस्य ही जानते थे। रोहित के पिता को भी इसकी जानकारी नहीं थी।
उन्होंने बताया कि रोहित ने किसी भइय्या जी के मिलने और उनके साथ ही रहने की जानकारी दी थी।
वह कभी उसके घर नहीं गए। सिर्फ उनका दूसरा बेटा ही रोहित से मिलने आया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आशीष का ठिकाना पता करने में उसके दुश्मनों के हाथ-पैर मारे लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद अंडरवर्ल्ड और पुलिस के नेटवर्क की मदद ली गई।
पुलिस ने आशीष की लोकेशन ट्रेस की जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि इन चर्चाओं को ध्यान में रखते हुए आशीष और उससे जुड़े लोगों के मोबाइल फोन का ब्यौरा और लोकेशन ट्रेस कराई जा रही है।
अगर यह बात सही निकलती है तो अंडरवर्ल्ड और खाकी के गठजोड़ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।